Chandigarh Vaccination Program Transgenders will create awareness, van will bring vaccine: चंडीगढ़ इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम देश में टीकाकरण के बाद होने वाले इफेक्ट्स के सर्विलांस में देश में पहले स्थान पर है। टीकाकरण के बाद होने वाले एडवर्स इवेंट फॉलोविंग इम्यूनाइजेशन (एईएईआई: के सर्विलेंस में चंडीगढ़ का अच्छा काम है। इसमें एन्क्वास सर्टिफिकेट प्राप्त करने की दिशा में देश में सबसे आगे चल रहा है।
Chandigarh Vaccination Program को मिली ताकत
इसी दिशा में चंडीगढ़ तीन प्रयोग करने जा रहा है। युवा पीढ़ी को वैक्सीन से होने वाले फायदों के बारे में जागरूक करने के लिए अब पांचवीं क्लास के स्टूडेंट्स को वी – शिक्षा नाम से वैक्सीन का पाठ पढ़ाया जाएगा। वहीं, ट्रांसजेंडर्स घर-घर जाकर बधाई देते वक्त वैक्सीन के बारे में जागरूक करेंगे और 6 महीने के भीतर एक वैक्सीन वैन भी चलेगी।
5वीं क्लास में वैक्सीन का पाठ
सरकार चाहती है कि जब बच्चे पांचवीं कक्षा में हों उन्हें उसी समय सरकार के वैक्सीनेशन प्रोग्राम और उसके फायदों के बारे में पता हो। अब पांचवीं क्लास के साइंस सब्जेक्ट में वी शिक्षा नाम से चैप्टर पढ़ाया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए पीजीआई के डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन एंड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की प्रो. मधु गुप्ता ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की एनसीईआरटी और मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स से मीटिंग हो चुकी है। सरकार जल्द ही इसे पांचवी कक्षा के करिकुलम में शामिल करेगी।
इसका फायदा यह होगा कि जब बच्चे जवान होंगे और शादी होने के बाद पिता बनेंगे तो वे अपने बच्चों को सभी वैक्सीन लगवाएंगे।
24 ट्रांसजेंडर्स को दी जा चुकी है ट्रेनिंग
चंडीगढ़ हेल्थ डिपार्टमेंट ने एक नई मुहिम शुरू की है। इसके तहत चंडीगढ़ के करीब 24 ट्रांसजेंडर्स को वैक्सीनेशन के बारे में जागरूक किया गया है। उन्हें यह ट्रेनिंग दी गई है कि जब भी वे शादी या बच्चे के जन्म की बधाई के लिए किसी घर में जाएंगे वहां गर्भवती महिला और नवजात शिश के टीकाकरण के बारे में परिवार को जागरूक करेंगे।
डिस्ट्रिक्ट इम्यूनाइजेशन ऑफिसर डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि यह प्रोग्राम जल्द शुरू हो जाएगा। हेल्थ मिनिस्ट्री ने चंडीगढ़ की इस मुहिम की सराहना की है। इंडिया इम्यूनाइजेशन अपडेट मैग्जीन में भी यह मुहिम प्रकाशित हो चुकी है।
6 महीने में तैयार होगी वैक्सीन वैन
चंडीगढ़ हेल्थ डिपार्टमेंट वैक्सीन ऑन व्हील्स मुहिम चलाएगा। इसके लिए एक मोबाइल वैन 6 महीने में तैयार हो जाएगी। अभी वैक्सीन आउटरीच सेशन चलते हैं, उनमें स्टाफ को आंगनवाड़ी, स्कूल, धर्मशाला आदि में वैक्सीनेशन करनी पड़ती है।
उसकी जगह एक वैन तैयार की जा रही है, जो अलग-अलग एरिया में जाएगी, इसी मोबाइल वैन में वैक्सीनेशन की जाएगी। इसमें मदर्स के लिए ब्रेस्ट फीडिंग एरिया बनाया जा रहा है। इसी वैन में बच्चों के खेलने के लिए एक सेक्शन भी होगा।












