Chandigarh Motor Vehicle Aggregator Rules Now travelling in a cab will be safe, forget about the pending challan: यूटी चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार को चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स 2025 को नोटिफाई कर दिया है। इसको लेकर प्रशासन के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की तरफ से नोटिफिकेशन जारी की गई है। इससे कैब में ट्रैवल करने वाले लोगों की सेफ्टी नॉर्म्स से लेकर ड्राइवरों और एग्रीगेटर (कंपनियों) के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं। पिछले काफी टाइम से इस पॉलिसी को नोटिफाई किए जाने की मांग उठाई जा रही थी।
Chandigarh Motor Vehicle Aggregator Rules के फायदे
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने पिछले साल ड्राफ्ट मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स 2024 नोटिफाई किए थे जिस पर संबंधित लोगों से सुझाव भी मांगे गए थे। ट्राइसिटी कैब एसोसिएशन की तरफ से पिछले करीब एक हफ्ते से इस पॉलिसी को नोटिफाई कर लागू करने और कुछ अन्य मांगों को लेकर लगातार स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ऑफिस सेक्टर-18 के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया जा रहा था।
नोटिफाई किए गए रूल्स में सेफ्टी नॉर्म्स के साथ ही कार पूल को लेकर भी प्रावधान रखे गए हैं। अफसरों के मुताबिक नोटिफाई होने के साथ ही इन रूल्स को चंडीगढ़ में लागू किया गया है। इन रूल्स में सभी तरह के ट्रांसपोर्ट व्हीकल्स कवर होंगे जिसमें सीएनजी, रिक्शा, ई रिक्शा, ई बाइक और बाइक टैक्सी के लिए भी ये नियम लागू होंगे।
कार पूल को लेकर प्रावधान
एप अंग्रेजी और हिंदी में होना जरूरी रूल्स में कार पूल को लेकर भी प्रावधान रखे गए हैं। जिसमें खासतौर से महिला यात्रियों के लिए सुरक्षा इंतजाम सही करने होंगे। इसमें पैनिक बटन जरूरी है साथ ही व्हीकल लोकेशन ट्रैकर डिवाइस लगाना जरूरी है। एग्रीगेटर का एप सुविधाजनक होना चाहिए जिससे फेयर को लेकर सही जानकारी देना जरूरी है। इसके साथ ही फेयर अंग्रेजी के अलावा हिंदी भाषा में भी होना अनिवार्य किया गया है।
सवारी की सेफ्टी के इंतजाम नहीं तो लाइसेंस कैंसिल
कैब ड्राइवर्स की मांग थी कि कंपनियां लगातार कई कई संख्या में नई गाड़ियों को अपने साथ जोड़ रही हैं। वहीं इन रूल्स में अब ये प्रावधान किया गया है कि संबंधित एग्रीगेटर (कंपनी) के साथ तभी किसी गाड़ी की इंटीग्रेशन हो पाएगी जब उससे संबंधित सभी पेंडिंग चालान क्लियर होंगे।
वहीं कैब ड्राइवर्स की वेरिफिकेशन के साथ साथ संबंधित गाड़ी के भी सभी नॉर्म्स पूरे होने जरूरी होंगे। वहीं अगर राइडर या ड्राइवर की सेफ्टी नॉर्म्स भी पूरे नहीं है और ट्रैवल करने वाली की सेफ्टी को लेकर भी इंतजाम संबंधित गाड़ी में नहीं है तो ऐसे में संबंधित कंपनी का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। वहीं चाइल्ड लॉक को डिसएब्लड करना जरूरी होगा जिसकी जगह पर मैनुअल ओवरराइडिंग और लॉक सिस्टम ही मान्य होगा।












