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Chandigarh News: चंडीगढ़ में जिन घरों की बालकनी या बाउंड्री वॉल बिजली की लाइनों के करीब वह ढहाए जाएंगे : सीपीडीएल

On: June 10, 2025 12:47 PM
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Chandigarh News: चंडीगढ़ में जिन घरों की बालकनी या बाउंड्री वॉल बिजली की लाइनों के करीब वह ढहाए जाएंगे : सीपीडीएल
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Chandigarh News Houses in Chandigarh whose balconies or boundary walls are close to power lines will be demolished CPDL: चंडीगढ़ के लोग जिन्होंने अपने घरों में बिजली की ओवर हेड लाइनों के करीब तक बालकॉनी, बाउंड्री वॉल या अन्य स्ट्रक्चर बनाए हुए हैं।

बिजली के पोल और लाइनों में अतिक्रमण किया हुआ है। ऐसे लोगों के अवैध निर्माण को कभी भी ढहाया जा सकता है। सीपीडीएल ( चंडीगढ़ पॉवर इंस्टॉलेशन डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड) के अधिकारी ने कहा कि अवैध निर्माण जो सेफ्टी जोखिम पैदा करते हैं और इलेक्ट्रिसिटी सेफ्टी रूल्स को वॉयलेशन करता है उनपर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

Chandigarh News: कितनों पर होगा इसका असर

सीपीडीएल के अधिकारी ने कहा कि इन रूल्स का पालन न करने से होने वाले किसी भी जान-माल के नुकसान के लिए वॉयलेशन धारक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इन तय सुरक्षा मानको का पालन न करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

बिल्डिंग ऑनर्स को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे अवैध ढांचे को हटा दें जिससे कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट का वॉयलेशन हो रहा है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा नहीं करने पर संबंधित रूल्स एंड रेगुलेशन के प्रावधानों अनुसार नगर निगम की मदद से ऐसे ढांचे को हटवाया जा सकता है।

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अधिकारी ने कहा कि अवैध निर्माण जो सेफ्टी जोखिम पैदा करते हैं और इलेक्ट्रिसिटी सेफ्टी रूल्स को वॉयलेशन करता है उनपर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सेफ्टी और इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई से संबंधित उपाय) रेगुलेशन 2010 की रेगुलेशन 60 और 61 के अनुसार और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की सेक्शन 53 और 68 (5) और 161 के प्रावधानों के अनुसार इंस्टॉलेशन और स्ट्रक्चर के बीच के बीच न्यूनतम दूरी बनाए रखना जरूरी है।

इन रेगुलेशन का उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना और पब्लिक सेफ्टी सुनिश्चित करना है। सीपीडीएल के अधिकारी ने कहा कि इन रूल्स का पालन न करने से होने वाले किसी भी जान-माल के नुकसान के लिए वॉयलेशन धारक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इन तय सुरक्षा मानको का पालन न करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

बिल्डिंग ऑनर्स को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे अवैध ढांचे को हटा दें जिससे कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट का वॉयलेशन हो रहा है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा नहीं करने पर संबंधित रूल्स एंड रेगुलेशन के प्रावधानों अनुसार नगर निगम की मदद से ऐसे ढांचे को हटवाया जा सकता है।

इतनी दूरी होनी चाहिए

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बिजली की 450 वॉट लाइन से वर्टिकल 2.5 मीटर और हॉरिजेंटल 1.2 मीटर दूरी। 11 केवी बिजली लाइन से वर्टिकल 3.7 मीटर और हॉरिजेंटल 1.2 मीटर दूरी । 11 केवीए से 33 केवीए की बिजली लाइन से वर्टिकल 3.7 मीटर और हॉरिजेंटल 2 मीटर की दूरी होनी चाहिए।

बचाव के टिप्स

अगर कहीं पानी जमा होता है वहां बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर, स्ट्रीट लाइट पोल, पिलर बॉक्स आदि से दूर रहें।
बिजली के इंस्टॉलेशन के पास पतंग न उड़ाएं, क्योंकि यह घातक हो सकता है।

बिजली के मीटर के पास अपने व्हीकल पार्क न करें या ज्वलनशील पदार्थ न रखें। – बिजली के झटके और दुर्घटनाओं से बचने के लिए अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर (ईएलसीबी) लगाएं।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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