Chandigarh news The insurance company did not pay the cost of treatment, the company stopped the claim, now 5 lakhs will have to be paid: बीमा कंपनी द्वारा इंश्योरेंस क्लेम खारिज करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन-2 ने बीमा कंपनी को 5 लाख रुपए 6 फीसदी ब्याज के साथ वापस लौटाने के निर्देश दिए हैं। गुरकृपाल सिंह मान ने बताया उनकी 5 लाख रुपए की मेडिक्लेम पॉलिसी ली थी।
13 अक्टूबर 2019 को उन्हें सीने में दर्द हुआ। मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हुए। हार्ट सर्जरी हुई। इलाज पर 8.08 लाख खर्च हुए। उन्होंने बीमा कंपनी बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस को 5 लाख रुपए का क्लेम दिया। सभी दस्तावेज 2 दिसंबर 2019 तक जमा कर दिए।
कंपनी ने 31 जनवरी 2020 को क्लेम यह कहकर खारिज कर दिया कि बीमारी पहले से थी। गुरकृपाल सिंह ने 23 जुलाई 2020 को डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन-2 चंडीगढ़ में शिकायत की।
आयोग ने 3 सितंबर 2024 को फैसला सुनाया। बीमा कंपनी को 5 लाख रुपए 6 फीसदी सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। लेकिन आयोग ने मानसिक पीड़ा और मुकदमे के खर्च का कोई मुआवजा नहीं दिया।
50 हजार रुपए मानसिक पीड़ा के लिए भी देने होंगे गुरकृपाल सिंह ने इस फैसले को उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी। कहा उन्हें 9 फीसदी ब्याज मिलना चाहिए। कंज्यूमर कमीशन माना कि बीमा कंपनी ने गलत तरीके से क्लेम खारिज किया। अस्पताल के डॉक्टर की रिपोर्ट में लिखा है कि मरीज को हाल ही में हाई ब्लड प्रेशर हुआ था।
पहले से कोई बीमारी नहीं थी। आयोग ने गुरकृपाल को 50 हजार रुपए मानसिक पीड़ा और सेवा में कमी के लिए और 30 हजार रुपए मुकदमे के खर्च के लिए देने का आदेश दिया।













