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Chandigarh: पीजीआई एडवांस आई सेंटर, नया 6 मंजिला ब्लॉक लाएगा मरीजों के लिए राहत और सुविधा

On: May 19, 2025 9:40 AM
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Chandigarh: पीजीआई एडवांस आई सेंटर, नया 6 मंजिला ब्लॉक लाएगा मरीजों के लिए राहत और सुविधा
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Chandigarh PGI advance eye centre new block: चंडीगढ़ का पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) अपनी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जाना जाता है। खास तौर पर इसका एडवांस आई सेंटर (pgi advance eye centre) लाखों मरीजों की आंखों की रोशनी का सहारा है। लेकिन बढ़ती मरीजों की भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण कई बार इलाज में देरी हो जाती है। इस समस्या को हल करने के लिए पीजीआई अब एक नया 6 मंजिला ब्लॉक बनाने जा रहा है, जिसकी लागत 98 करोड़ रुपये होगी। यह परियोजना न केवल मरीजों को बेहतर सुविधाएं देगी, बल्कि ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर और नए ऑपरेशन थिएटर जैसी आधुनिक सुविधाओं से भी लैस होगी। आइए, जानते हैं कि यह नया ब्लॉक (pgi new block) पीजीआई के मरीजों के लिए क्यों बन रहा है गेम-चेंजर।

Chandigarh: पीजीआई एडवांस आई सेंटर क्यों पड़ी नए ब्लॉक की जरूरत?

पीजीआई का एडवांस आई सेंटर साल 2006 में शुरू हुआ था, जब तत्कालीन निदेशक प्रो. के.के. तलवार ने इसकी नींव रखी थी। उस समय बनी चार मंजिला इमारत आज मरीजों की बढ़ती संख्या के लिए छोटी पड़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, इस सेंटर की ओपीडी में हर दिन औसतन 1000 मरीज इलाज के लिए आते हैं। साल 2023 में यहां 3 लाख 7 हजार से ज्यादा मरीजों का चेकअप हुआ। इतनी बड़ी संख्या के बावजूद, सेंटर में केवल छह ऑपरेशन थिएटर और सीमित ओपीडी स्पेस है, जिसके कारण मरीजों को रूटीन सर्जरी के लिए डेढ़ महीने तक इंतजार करना पड़ता है। इस भीड़ और देरी को कम करने के लिए नया 6 मंजिला ब्लॉक (pgi advance eye centre expansion) बनाया जा रहा है, जो मरीजों और स्टाफ दोनों के लिए राहत लेकर आएगा।

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98 करोड़ की परियोजना: क्या-क्या होगा खास?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 98 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, और चंडीगढ़ प्रशासन ने भी इसे हरी झंडी दिखा दी है। नया ब्लॉक मौजूदा एडवांस आई सेंटर के बगल में बनेगा और इसमें कई आधुनिक सुविधाएं होंगी। इस 6 मंजिला इमारत में 4 नए ऑपरेशन थिएटर (pgi operation theatre) होंगे, जो सर्जरी की वेटिंग लिस्ट को कम करेंगे। इसके अलावा, 18 स्पेशल क्लिनिक, रिसर्च लेबोरेट्री, लेक्चर थिएटर, और ग्राउंड फ्लोर पर फैकल्टी ऑफिस भी बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि इस ब्लॉक की दो मंजिलें ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर (pgi drug de-addiction centre) के लिए आरक्षित होंगी, जो नशा मुक्ति के लिए एक बड़ा कदम होगा। यह ब्लॉक मौजूदा सेंटर से दो कॉरिडोर के जरिए जुड़ा रहेगा, ताकि मरीजों और स्टाफ को आवागमन में आसानी हो।

मरीजों की भीड़ और सुविधाओं की कमी का समाधान

एडवांस आई सेंटर में रोजाना 100 छोटी-बड़ी सर्जरी होती हैं, और 30 से ज्यादा फैकल्टी सदस्य मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं। लेकिन सीमित ऑपरेशन थिएटर और ओपीडी स्पेस के कारण कई बार मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। खास तौर पर, इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर के अलावा केवल छह अन्य थिएटर हैं, जो मरीजों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफी हैं। नए ब्लॉक के बनने से ऑपरेशन थिएटर की संख्या बढ़ेगी, जिससे सर्जरी की प्रतीक्षा समय काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा, 18 नई स्पेशल क्लिनिक (pgi special clinics) मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगी, और रिसर्च लेबोरेट्री नेत्र रोगों के अध्ययन और उपचार में मदद करेगी।

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ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर: सामाजिक बदलाव की पहल

नए ब्लॉक की दो मंजिलें ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर के लिए समर्पित होंगी, जो पीजीआई की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। नशा मुक्ति एक गंभीर मुद्दा है, और इस सेंटर के माध्यम से मरीजों को न केवल चिकित्सा, बल्कि मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहायता भी मिलेगी। यह Hannah’s Fortnight (2004) की तुलना करें। यह पहल नशा प्रभावित लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आएगी और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगी। यह सेंटर (pgi drug rehab centre) नशा मुक्ति के लिए आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञों की मदद से लोगों को नया जीवन देगा।

पर्यावरण मंजूरी और निर्माण

पीजीआई प्रशासन अब इस प्रोजेक्ट का डिटेल्ड मैप तैयार कर रहा है, जिसे पर्यावरण मंजूरी (pgi environmental clearance) के लिए भेजा जाएगा। पर्यावरण नियमों का पालन करते हुए यह ब्लॉक हरित भवन के सिद्धांतों पर बनाया जाएगा, ताकि ऊर्जा और संसाधनों की बचत हो। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है, और यह परियोजना अगले कुछ वर्षों में पूरी होगी। यह नया ब्लॉक न केवल मरीजों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि पीजीआई की वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।

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पीजीआई का एडवांस आई सेंटर (pgi advance eye centre) पहले से ही लाखों लोगों की जिंदगी रोशन कर रहा है, और नया 6 मंजिला ब्लॉक इस विरासत को और आगे ले जाएगा। 98 करोड़ रुपये की इस परियोजना से मरीजों को तेज और बेहतर इलाज मिलेगा, सर्जरी की वेटिंग लिस्ट कम होगी, और ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर जैसे सामाजिक कदम समाज को नई दिशा देंगे। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य पीजीआई में इलाज के लिए जाता है, तो यह नया ब्लॉक आपके लिए राहत और सुविधा की नई उम्मीद लेकर आएगा। इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखें, क्योंकि यह चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

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