Chandigarh Police biometric attendance New rule to be implemented from June: चंडीगढ़ पुलिस बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली जून 2025 से चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में अनिवार्य हो जाएगी। आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) के साथ, पुलिस प्रशासन अपनी उपस्थिति प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने जा रहा है। यह डिजिटल पहल (Digital Initiative) सेक्टर 9 स्थित मुख्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए लागू होगी। यह कदम न केवल कार्यकुशलता बढ़ाएगा, बल्कि जवाबदेही को भी सुनिश्चित करेगा। आइए, इस नई प्रणाली, इसके कार्यान्वयन, और कर्मचारियों के लिए जरूरी कदमों के बारे में विस्तार से जानें।
Chandigarh Police: आधार-सक्षम बायोमेट्रिक सिस्टम
चंडीगढ़ पुलिस बायोमेट्रिक उपस्थिति (चंडीगढ़ पुलिस बायोमेट्रिक उपस्थिति) प्रणाली आधार पर आधारित चेहरे की पहचान (Face Authentication) तकनीक का उपयोग करती है। यह सिस्टम प्रॉक्सी उपस्थिति (Proxy Attendance) को खत्म करने और सटीक रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद करेगा। कर्मचारियों को दो ऐप्स आधार फेस आरडी और आधार बीएएस (Aadhaar Apps) डाउनलोड करने होंगे, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं। ये ऐप्स चेहरे की पहचान के जरिए उपस्थिति दर्ज करेंगे। यह प्रणाली पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देगी, जिससे पुलिस प्रशासन का कामकाज और सुव्यवस्थित होगा।
समय पर कार्रवाई जरूरी
चंडीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मचारियों को 1 जून, 2025 तक आधार फेस आरडी और आधार बीएएस ऐप्स इंस्टॉल और चालू करने होंगे। यह नियम कार्यकारी अधिकारियों, मंत्रालयिक कर्मचारियों, होमगार्ड स्वयंसेवकों (Home Guard Volunteers), और आउटसोर्स कर्मियों पर लागू होगा। जो कर्मचारी इस समयसीमा का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) हो सकती है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी अपवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम डिजिटल शासन (Digital Governance) की दिशा में एक मजबूत इरादा दर्शाता है।
सुगम बदलाव की गारंटी
नई प्रणाली को अपनाने में कर्मचारियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए चंडीगढ़ पुलिस ने व्यापक व्यवस्था की है। मुख्यालय की पहली मंजिल पर तैनात आईटी प्रबंधक तकनीकी सहायता (Technical Support) प्रदान करेंगे। अगर किसी कर्मचारी को ऐप्स इंस्टॉल करने या उपयोग करने में दिक्कत हो, तो वे तुरंत सहायता ले सकते हैं। यह समर्थन प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि डिजिटल परिवर्तन (Digital Initiative) बिना किसी रुकावट के लागू हो। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपनी तैयारी पूरी करें।
डिजिटल शासन की दिशा में कदम
चंडीगढ़ पुलिस बायोमेट्रिक उपस्थिति (चंडीगढ़ पुलिस बायोमेट्रिक उपस्थिति) प्रणाली पुलिस बल में डिजिटल शासन (Digital Governance) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह सिस्टम उपस्थिति प्रक्रिया को न केवल तेज करेगा, बल्कि प्रॉक्सी उपस्थिति (Proxy Attendance) जैसी समस्याओं को भी खत्म करेगा। यह प्रणाली कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाएगी और मुख्यालय के कामकाज को और प्रभावी बनाएगी। चंडीगढ़ पुलिस का यह प्रयास अन्य विभागों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।












