Chandigarh police weapons (चंडीगढ़) : चंडीगढ़ पुलिस अब और भी ताकतवर होने जा रही है! ‘मेक इन इंडिया’ के तहत इजरायली तकनीक से बने हथियारों को खरीदने के लिए 96 लाख रुपये का ऑर्डर दिया गया है। इनमें मसादा पिस्टल और यूजी-प्रो सब मशीन गन (एसएमजी) शामिल हैं। यह कदम न सिर्फ चंडीगढ़ पुलिस को हाईटेक बनाएगा, बल्कि भारत की विदेशी हथियारों पर निर्भरता को भी कम करेगा। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल पुलिस ने भी इन हथियारों को अपनाना शुरू कर दिया है।
हाईटेक हथियारों की खासियत
नए हथियार ऑटोमैटिक और सेमी-ऑटोमैटिक मोड में काम करते हैं। यूजी-प्रो सब मशीन गन कॉम्पैक्ट, मीडियम और लॉन्ग मॉडल में उपलब्ध है। इसका फोल्डेबल बट स्टॉक, असॉल्ट ग्रिप और साइलेंसर ऑप्शन इसे खास बनाता है। मसादा पिस्टल में चैम्बर में बची गोलियों की जानकारी, बेहतर ग्रिप और बिल्ट-इन ट्रिगर सेफ्टी जैसे फीचर्स हैं। ये हथियार हल्के, सटीक और स्पेशल ऑपरेशन्स के लिए बेहद कारगर हैं। चंडीगढ़ पुलिस के पास पहले से 9mm, 5.56mm (इंसास), एके-47 और स्नाइपर जैसे हथियार हैं, लेकिन ये नए हथियार गेम-चेंजर साबित होंगे।
गैंगस्टरों और आतंकियों से मुकाबला
चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में गैंगस्टर हाईटेक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बॉर्डर स्टेट होने की वजह से आतंकी गतिविधियों का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में इजरायली तकनीक से बने ये हल्के और अत्याधुनिक हथियार पुलिस को मजबूती देंगे। गृह मंत्रालय (एमएचए) के निर्देश पर चंडीगढ़ पुलिस ने यह कदम उठाया है। एक मीटिंग में फैसला लिया गया कि विदेशी हथियारों को धीरे-धीरे हटाकर ‘मेक इन इंडिया’ हथियारों को अपनाया जाएगा। हिमाचल पुलिस ने तीन महीने पहले इन हथियारों की टेस्टिंग भी की थी।
‘मेक इन इंडिया’ का दम
पूर्व डीजीपी अन्वेष मंगलम ने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फोर लोकल’ के तहत भारत में हथियारों का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। पहले भारत यूरोपीय देशों पर निर्भर था, लेकिन अब ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में लेटेस्ट तकनीक से हथियार बन रहे हैं। इससे देश के अरबों रुपये बचेंगे। ये हथियार न सिर्फ पुलिस, बल्कि सेना और पैरामिलिट्री फोर्स के लिए भी जरूरी हैं, जो आतंकवाद और नक्सलवाद से लड़ रहे हैं। यह बदलाव भारत की ताकत और इनोवेशन को दर्शाता है।











