Delhi-Ambala railway corridor, पानीपत। दिल्ली-अम्बाला रेलवे कॉरिडोर फोर लेन होने जा रहा है। इसके तहत पानीपत के वर्तमान स्टेशन को तोड़कर प्लेटफॉर्म नंबर 1 व 2 बनाए जाएंगे। अभी जो प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो हैं, वे तीन और चार हो जाएंगे। पूरा स्टेशन तोड़कर नए सिरे से बनाया जाएगा, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
कॉरिडोर के तहत पानीपत स्टेशन के अलावा जिले के समालखा, भोड़वाल माजरी, दीवाना व बाबरपुर स्टेशनों को भी विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के विस्तार के लिए पानीपत जिले के 15 गांवों की 11 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा, जिसमें समालखा के 8 और पानीपत के 7 गांव वर्तमान स्टेशन को तोड़कर बनेंगे प्लेटफॉर्म नंबर 1 व 2, रूट के सभी पांचों स्टेशनों को नया बनाया जाएगा।
पानीपत स्टेशन का होगा कायाकल्प
• अभी 55 ट्रेनों का ठहराव है नए ट्रैक बनने के बाद 100 से ज्यादा ट्रेनों का ठहराव होगा।
• 22 हजार से ज्यादा यात्री पानीपत स्टेशन से रोज सफर करते हैं 5 साल बाद संख्या करीब 40 हजार होने की उम्मीद है।
• दो नए ट्रैक बनाने के लिए जिले के 15 गांवों की 11 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होने की उम्मीद है, जिसमें 8 गांव समालखा व 7 पानीपत के होंगे प्लेटफॉर्म नं. 1 व 2 वहां बनेगा।
सिग्नल भवन का निर्माण रोका
फोर लेन कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने पर ठेकेदार को सिग्नल भवन बनाने से रोक दिया गया है। इस तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण 98 लाख रुपए की लागत से चल रहा था। अब इसे तोड़ा जाएगा।
बिशन स्वरूप कॉलोनी की रोड पर रोक
असंध रोड पुल के नीचे से बिशन स्वरूप कॉलोनी के पीछे रेलवे लाइन किनारे सड़क अब नहीं बनेगी। 28 अगस्त को डीसी ने सड़क बनाने को कहा भी था, लेकिन रेलवे ने साफ इनकार कर दिया है, क्योंकि अब फोर लेन ट्रैक का विस्तार होना है।
10 अंडरपास के डिजाइन भी बदलने होंगे
समालखा से बाबरपुर स्टेशन तक 10 रेलवे अंडरपास बन रहे हैं, कुछ बन भी चुके हैं। इन पर राज्य सरकार ने करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। ये अंडरपास दो लाइनों के हिसाब से बनाए गए थे, इसलिए अब इन सभी के डिजाइन बदलने होंगे।













