Delhi Underground Tunnel: Delhi Underground Tunnel: Jam-free journey to the airport begins!: दिल्ली अंडरग्राउंड टनल (Delhi Underground Tunnel) राजधानी के लिए एक बड़ी सौगात है। केंद्रीय सड़क मंत्रालय ने दक्षिणी दिल्ली के शिव मूर्ति चौक से वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग तक 5 किमी लंबी टनल को मंजूरी दी।
इस प्रोजेक्ट की लागत 3500 करोड़ रुपये (Project Cost) है। यह टनल IGI एयरपोर्ट (IGI Airport) के आसपास ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) को कम करेगी।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत Delhi Underground Tunnel
यह टनल दो अंडरग्राउंड ट्यूब रोड (Tube Roads) से बनेगी। प्रत्येक में तीन लेन होंगी। कुल छह लेन ट्रैफिक को सिग्नल-फ्री (Signal-Free) बनाएंगी।
दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने इसे डबल इंजन सरकार का फायदा बताया। यह टनल दक्षिणी दिल्ली और NCR के ट्रैफिक दबाव (Traffic Pressure) को कम करेगी। महिपालपुर, रंगपुरी, धौला कुआं और NH-48 पर जाम से राहत मिलेगी। यह क्षेत्र का लुक भी बदलेगा।
सिग्नल-फ्री और तेज कनेक्टिविटी
दिल्ली अंडरग्राउंड टनल (Delhi Underground Tunnel) दक्षिणी दिल्ली से द्वारका और गुरुग्राम को सिग्नल-फ्री मार्ग (Signal-Free Route) देगी। यह NE-5, NH-44, NH-10, दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48), और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (NH-709B) से जोड़ेगी।
अर्बन एक्सटेंशन रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) तक सीधी पहुंच होगी। पीक आवर्स में NH-48 पर जाम (Traffic Jam) की समस्या खत्म होगी। यह प्रदूषण (Pollution) कम करने में भी मदद करेगा।
प्रोजेक्ट का भविष्य
दिल्ली अंडरग्राउंड टनल (Delhi Underground Tunnel) की तकनीकी और औपचारिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 2026 की शुरुआत में निर्माण शुरू (Construction Start) होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली की कनेक्टिविटी (Connectivity) को नया आयाम देगा।
यात्रियों का समय बचेगा। दिल्लीवासियों को ट्रैफिक की झंझट से मुक्ति मिलेगी। यह राजधानी के शहरी विकास (Urban Development) के लिए बड़ा कदम है।












