DSP’s enthusiasm at Gurdas Maan Programs in Hisar: He reached the stage dancing, bouncers stopped him: हिसार के हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में शनिवार रात पंजाबी गायक गुरदास मान के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मस्ती भरे माहौल में सिवानी मंडी के डीएसपी जयभगवान भी खुद को रोक न सके।
हरियाणवी गाने की धुन पर नाचते हुए वे स्टेज के पास पहुंच गए, लेकिन बाउंसरों ने उन्हें विनम्रता से रोक लिया। कोई विवाद नहीं हुआ, और डीएसपी अपनी सीट पर लौट गए। यह घटना कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए एक मजेदार पल बन गई।
कार्यक्रम में बिखरी मस्ती Gurdas Maan Programs
इंदिरा गांधी सभागार में रात 9 बजे शुरू हुआ गुरदास मान का यह कार्यक्रम हिसार के लिए एक यादगार शाम लेकर आया। पंजाबी और हरियाणवी गानों की मधुर प्रस्तुति ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी, शहरवासी और युवा सभी टिकट खरीदकर पहुंचे थे। सभागार में हर तरफ उत्साह और जोश का माहौल था। गुरदास मान की आवाज और उनकी ऊर्जा ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डीएसपी का अनोखा अंदाज
सिवानी मंडी में तैनात डीएसपी जयभगवान सबसे आगे की सीट पर धोती-कुर्ता पहने बैठे थे। जैसे ही गुरदास मान ने एक हरियाणवी गाना शुरू किया, डीएसपी का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। वे अपनी सीट से खड़े होकर नाचने लगे और उत्साह में स्टेज की ओर बढ़ गए।
उनकी यह मस्ती देखकर दर्शक भी मुस्कुरा उठे। हालांकि, बाउंसरों ने उन्हें रोकते हुए कहा कि इससे पीछे बैठे लोगों को प्रस्तुति देखने में दिक्कत हो सकती है। डीएसपी ने इसे हंसते-हंसते स्वीकार किया और अपनी सीट पर वापस लौट गए।
कोई विवाद नहीं, सिर्फ मस्ती
इस छोटी-सी घटना में कोई विवाद नहीं हुआ। डीएसपी जयभगवान ने सामान्य दर्शक की तरह टिकट खरीदकर कार्यक्रम का आनंद लिया था।
उनकी यह हरकत कार्यक्रम में एक हल्का-फुल्का मजेदार लम्हा बन गई। वहां मौजूद कई अधिकारियों और दर्शकों ने भी इस पल को हंसी-खुशी के साथ लिया। यह घटना दर्शाती है कि गुरदास मान के गाने कितनी आसानी से हर उम्र और पेशे के लोगों को एकसाथ जोड़ देते हैं।
गुरदास मान का जादू
गुरदास मान का यह कार्यक्रम हिसार के लोगों के लिए एक ताजगी भरा अनुभव रहा। उनकी गायकी, जोश और दर्शकों से जुड़ने का अंदाज हमेशा की तरह बेमिसाल था। इस कार्यक्रम ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि यह भी दिखाया कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती। चाहे आम नागरिक हो या डीएसपी, हर कोई उनकी धुन पर थिरकने को मजबूर हो जाता है।












