Farmer couple Haryana After the Pahalgam attack, Haryana’s farmer couple took a patriotic step: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को गुस्से और दुख से भर दिया है। इस कायराना हरकत के खिलाफ जहां देश एकजुट हो रहा है, वहीं हरियाणा के एक किसान दंपति ने देशभक्ति की अनूठी मिसाल पेश की है।
हिसार के चैनत गांव के बलजीत सिंह और नीलम पहलगाम के लिए रवाना हो गए हैं, ताकि सीमा पर अपनी आवाज बुलंद करें और देश की रक्षा में योगदान दें। आइए, उनकी इस प्रेरणादायक कहानी को जानते हैं।
आतंकी हमले ने जगाया देशभक्ति का जज्बा Farmer couple Haryana
पहलगाम में आतंकियों द्वारा किए गए हमले ने पूरे भारत को झकझोर दिया। इस हमले की निंदा दुनियाभर में हो रही है, और भारत के लोग हर धर्म और क्षेत्र से एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं।
सीमा पर जवान अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, तो देश के अंदर भी लोग देशभक्ति की भावना से लबरेज हैं। इसी कड़ी में हरियाणा के हिसार जिले के हांसी उपमंडल के चैनत गांव के किसान दंपति बलजीत सिंह और नीलम ने एक बड़ा कदम उठाया है।
किसान दंपति का पहलगाम के लिए प्रस्थान
50 वर्षीय बलजीत सिंह और उनकी पत्नी नीलम शुक्रवार रात 9 बजे अपने निजी वाहन से पहलगाम के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पहले उन्होंने हिसार चुंगी पर शहीद निशांत मलिक की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। बलजीत ने कहा कि यह समय देश के लिए कुछ करने का है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब देश को जरूरत हो, तो न केवल जवान, बल्कि किसान भी सीमा पर खड़े होने को तैयार हैं। उनकी पत्नी नीलम भी इस फैसले में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
कैंडल मार्च और बॉर्डर पर आवाज
पहलगाम हमले से आहत बलजीत और नीलम का यह कदम उनके गहरे दुख और देशभक्ति का प्रतीक है। उनका बेटा और दामाद भारतीय वायुसेना में सेवारत हैं, जिससे यह घटना उनके लिए और भी व्यक्तिगत हो गई।
दंपति ने बताया कि वे पहले पहलगाम में कैंडल मार्च निकालेंगे, ताकि हमले के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि दे सकें। इसके बाद वे बॉर्डर पर जाकर आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। बलजीत ने दृढ़ता से कहा कि अगर देश के लिए जान भी देनी पड़े, तो वे एक पल नहीं सोचेंगे।
एकता और साहस का संदेश
इस किसान दंपति का यह कदम न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने दिखाया कि देशभक्ति की भावना किसी पेशे या उम्र की मोहताज नहीं होती। उनका संदेश साफ है – जब देश पर संकट आए, तो हर नागरिक को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। यह कदम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकता और साहस का प्रतीक है।













