जाखल। जाखल क्षेत्र में घग्गर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। तलवाड़ा गांव के किसानों ने डेरा सच्चा सौदा नाम चर्चा घर के पास करीब दो एकड़ भूमि पर दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी डालकर तीन फीट ऊंचा बांध बनाने का काम शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि अगर पानी का स्तर कम हुआ तो उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल करीब 150 परिवारों की फसलें और घर खतरे में हैं।
बांध को लेकर तनातनी
इसी तरह बाजीगर ढाणी के लोग भी अपने घर बचाने के लिए बांध निर्माण में जुट गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दो साल पहले आई बाढ़ ने उनकी फसलों और मकानों को तबाह कर दिया था, इसलिए इस बार वे किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं होने देना चाहते। हालांकि, बांध को लेकर तलवाड़ा किसानों और बाजीगर ढाणी के 60-70 परिवारों में तनातनी हो गई।
बाजीगर ढाणी के ग्रामीणों का आरोप है कि यदि तलवाड़ा का बांध ऊंचा हुआ तो उनका इलाका और ज्यादा पानी में डूब जाएगा। विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने दखल देते हुए समझौता कराया। इसके तहत किसानों को केवल तीन फीट ऊंचाई तक बांध घग्गर के खतरे से जूझते जाखल के किसान बांध बनाने में जुटे। बनाने की अनुमति दी गई। साथ ही तय हुआ कि यदि बाढ़ से बाजीगर ढाणी के घर खतरे में आएंगे तो ग्रामीण इस बांध को तोड़ देंगे।
ग्रामीणों की चिंता
गांव तलवाड़ा के पूर्व पंच दया सिंह, भूरा सिंह, गुरजंट सिंह और शेर सिंह का कहना है कि घग्गर का बढ़ता जलस्तर उनकी नींद उड़ा चुका है। जैसे-जैसे पानी बढ़ रहा है, वैसे-वैसे गांव में दहशत और तनाव भी बढ़ रहा है। घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने से जाखल क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है।
मदद का भरोसा
हालात गंभीर होते देख कई नेता प्रभावित इलाकों में पहुंचे और किसानों-ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि हर स्थिति में वे अकेले नहीं छोड़े जाएंगे। पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता निशान सिंह ने घग्गर पुल और कासिमपुर बांध का दौरा कर कहा कि घग्गर हर साल किसानों पर आपदा बनकर आती है, लेकिन सरकार और प्रशासन कभी स्थायी समाधान नहीं निकाल पाए। वहीं टोहाना हलका विधायक एवं पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने भी खेतों, नालों और तटबंधों की स्थिति देखी और विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी निर्देश दिए।












