हिमाचल से गुजरात की राजधानी गांधीनगर तक सफर करने वाले यात्रियों के लिए नए साल की बड़ी सौगात तय हो गई है। लंबे समय से चर्चा में चल रही दौलतपुर चौक से चलने वाली हिमाचल एक्सप्रेस को अब अत्याधुनिक एलएचबी यानी लिंक हॉफमैन बुश कोचों से लैस किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार रेलगाड़ी जल्द ही पूरी तरह नए ढांचे के साथ ट्रैक पर दौड़ने को तैयार है।
यह बदलाव न सिर्फ गति बढ़ाएगा बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और आराम को भी पहले से कई गुना बेहतर बनाएगा।
पुराने कोच हटेंगे, आएंगे आधुनिक एलएचबी डिब्बे
स्टेशन मास्टर नरेंद्र शर्मा ने बताया कि ट्रेन से पुराने आईसीएफ कोच हटाकर उनकी जगह एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। ये जर्मन तकनीक पर आधारित कोच हैं, जिनकी बॉडी स्टेनलेस स्टील की होती है और एंटी टेलीस्कोपिक डिजाइन से बने होने के कारण दुर्घटना के समय डिब्बे एक दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते। इससे हादसों में गंभीर चोटों की आशंका काफी कम हो जाती है।
हाइड्रोलिक सस्पेंशन सिस्टम, बेहतर ब्रेकिंग क्षमता और संतुलित गति नियंत्रण इस तकनीक को खास बनाते हैं।
ट्रेन में कितने और किस प्रकार के कोच होंगे
नए साल से दौड़ने वाली हिमाचल एक्सप्रेस में कुल 14 नए एलएचबी डिब्बे लगाए जाएंगे। इनमें शामिल हैं
• एक प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच
• एक द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित कोच
• एक तृतीय श्रेणी वातानुकूलित कोच
• पांच स्लीपर कोच
• चार जनरल कोच
• एक सिटिंग कम लगेज रैक कोच
रेलवे सूत्रों के अनुसार कोचों की नई संरचना से ट्रेन की स्थिरता व गति दोनों में सुधार होगा और लंबी दूरी के सफर में झटके भी कम महसूस होंगे।
पर्यटन और स्थानीय यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
हिमाचल के पर्यटन स्थलों, चंडीगढ़ और फिर राजस्थान से होते हुए गुजरात तक इस रूट पर यात्रियों की संख्या सालभर भारी रहती है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों की लंबे समय से मांग थी कि इस मार्ग की प्रमुख ट्रेन में आधुनिक डिब्बे लगाए जाएं।
सांसद समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी बार-बार यह मुद्दा रेलवे के सामने रखा था। अब एलएचबी कोच लगने के बाद यात्रियों को न सिर्फ आरामदायक यात्रा मिलेगी बल्कि लंबे रूट पर देरी और झटकों में भी कमी आएगी।
रुट वही रहेगा, सुविधा बढ़ेगी
दौलतपुर चौक से चलकर यह ट्रेन चंडीगढ़, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, कलायत, नरवाना, उचाना, जींद, जुलाना, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी और जयपुर होकर गांधीनगर पहुंचेगी।
एलएचबी कोच लगने से यात्रा के कुल समय में मामूली सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एलएचबी तकनीक क्या खास बनाती है
रेल विशेषज्ञ बताते हैं कि देशभर में ज्यादातर प्रीमियम ट्रेनें अब एलएचबी कोचों में बदली जा रही हैं क्योंकि
• ये हल्के और तेज चलते हैं
• दुर्घटना में डिब्बे एक दूसरे पर नहीं चढ़ते
• अंदरूनी कंपन कम होता है
• ब्रेकिंग बेहतर होती है
• वेंटिलेशन, लाइटिंग और सीट क्वालिटी आईसीएफ से काफी बेहतर
• उन्नत डिजाइन वाले बाथरूम से यात्रियों को अधिक सुविधा
स्टेशन मास्टर नरेंद्र शर्मा ने कहा कि गांधीनगर केपिटल एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नई तकनीक के ये डिब्बे सुरक्षा और आराम दोनों लिहाज से यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएंगे।













