ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

नए साल से दौलतपुर चौक एक्सप्रेस में एलएचबी कोच यात्रियों को मिलेगा तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर

On: दिसम्बर 1, 2025 5:49 अपराह्न
Follow Us:
नए साल से दौलतपुर चौक एक्सप्रेस में एलएचबी कोच यात्रियों को मिलेगा तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर
Join WhatsApp Group

हिमाचल से गुजरात की राजधानी गांधीनगर तक सफर करने वाले यात्रियों के लिए नए साल की बड़ी सौगात तय हो गई है। लंबे समय से चर्चा में चल रही दौलतपुर चौक से चलने वाली हिमाचल एक्सप्रेस को अब अत्याधुनिक एलएचबी यानी लिंक हॉफमैन बुश कोचों से लैस किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार रेलगाड़ी जल्द ही पूरी तरह नए ढांचे के साथ ट्रैक पर दौड़ने को तैयार है।

यह बदलाव न सिर्फ गति बढ़ाएगा बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और आराम को भी पहले से कई गुना बेहतर बनाएगा।

पुराने कोच हटेंगे, आएंगे आधुनिक एलएचबी डिब्बे

स्टेशन मास्टर नरेंद्र शर्मा ने बताया कि ट्रेन से पुराने आईसीएफ कोच हटाकर उनकी जगह एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। ये जर्मन तकनीक पर आधारित कोच हैं, जिनकी बॉडी स्टेनलेस स्टील की होती है और एंटी टेलीस्कोपिक डिजाइन से बने होने के कारण दुर्घटना के समय डिब्बे एक दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते। इससे हादसों में गंभीर चोटों की आशंका काफी कम हो जाती है।

हाइड्रोलिक सस्पेंशन सिस्टम, बेहतर ब्रेकिंग क्षमता और संतुलित गति नियंत्रण इस तकनीक को खास बनाते हैं।

हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सीधे जुड़ेंगे मुंद्रा पोर्ट से, 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां | amritsar-jamnagar-economic-corridor-route-map-travel-time-completion-date
हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सीधे जुड़ेंगे मुंद्रा पोर्ट से, 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां

ट्रेन में कितने और किस प्रकार के कोच होंगे

नए साल से दौड़ने वाली हिमाचल एक्सप्रेस में कुल 14 नए एलएचबी डिब्बे लगाए जाएंगे। इनमें शामिल हैं

• एक प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच
• एक द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित कोच
• एक तृतीय श्रेणी वातानुकूलित कोच
• पांच स्लीपर कोच
• चार जनरल कोच
• एक सिटिंग कम लगेज रैक कोच

रेलवे सूत्रों के अनुसार कोचों की नई संरचना से ट्रेन की स्थिरता व गति दोनों में सुधार होगा और लंबी दूरी के सफर में झटके भी कम महसूस होंगे।

पर्यटन और स्थानीय यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

हिमाचल के पर्यटन स्थलों, चंडीगढ़ और फिर राजस्थान से होते हुए गुजरात तक इस रूट पर यात्रियों की संख्या सालभर भारी रहती है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों की लंबे समय से मांग थी कि इस मार्ग की प्रमुख ट्रेन में आधुनिक डिब्बे लगाए जाएं।

फेस्टिव सीजन में हरियाणा की इंडस्ट्री को बड़ा झटका: 1800 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद, जनरेटर भी फेल | haryana-power-strike-eleven-power-crisis-industrial-production-halt
फेस्टिव सीजन में हरियाणा की इंडस्ट्री को बड़ा झटका: 1800 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद, जनरेटर भी फेल

सांसद समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी बार-बार यह मुद्दा रेलवे के सामने रखा था। अब एलएचबी कोच लगने के बाद यात्रियों को न सिर्फ आरामदायक यात्रा मिलेगी बल्कि लंबे रूट पर देरी और झटकों में भी कमी आएगी।

रुट वही रहेगा, सुविधा बढ़ेगी

दौलतपुर चौक से चलकर यह ट्रेन चंडीगढ़, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, कलायत, नरवाना, उचाना, जींद, जुलाना, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी और जयपुर होकर गांधीनगर पहुंचेगी।

एलएचबी कोच लगने से यात्रा के कुल समय में मामूली सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

एलएचबी तकनीक क्या खास बनाती है

हरियाणा में लागू होगा स्वीडन का सफाई मॉडल, 84 शहरों में स्कैनर तकनीक से उठेगा घर-घर का कचरा | haryana-waste-to-energy-project-oil-india-sweden-model-vipul-goel-2026
हरियाणा में लागू होगा स्वीडन का सफाई मॉडल, 84 शहरों में स्कैनर तकनीक से उठेगा घर-घर का कचरा

रेल विशेषज्ञ बताते हैं कि देशभर में ज्यादातर प्रीमियम ट्रेनें अब एलएचबी कोचों में बदली जा रही हैं क्योंकि
• ये हल्के और तेज चलते हैं
• दुर्घटना में डिब्बे एक दूसरे पर नहीं चढ़ते
• अंदरूनी कंपन कम होता है
• ब्रेकिंग बेहतर होती है
• वेंटिलेशन, लाइटिंग और सीट क्वालिटी आईसीएफ से काफी बेहतर
• उन्नत डिजाइन वाले बाथरूम से यात्रियों को अधिक सुविधा

स्टेशन मास्टर नरेंद्र शर्मा ने कहा कि गांधीनगर केपिटल एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नई तकनीक के ये डिब्बे सुरक्षा और आराम दोनों लिहाज से यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएंगे।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment