Government Employees Rule: 30 days leave for central employees: Big decision of the government for the care of parents: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 30 दिन की छुट्टी (paid leave government employees) अब एक साकार लाभ बन गई है। बीते गुरुवार राज्यसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी कि सरकार ने कर्मचारियों को उनके माता-पिता की देखभाल जैसे व्यक्तिगत कारणों के लिए अवकाश देने की व्यवस्था की है।
केंद्रीय सिविल सेवा (छुट्टी) नियम, 1972 के अनुसार अब एक कर्मचारी को (civil service leave rules) के तहत 30 दिन की अर्जित छुट्टी, 20 दिन की हाफ-पे छुट्टी, 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी और सालाना 2 दिन की प्रतिबंधित छुट्टी मिल सकती है। यह व्यवस्था खास तौर पर उन कर्मचारियों के लिए है जो अपने बुजुर्गों की देखभाल में समय देना चाहते हैं।
मानवीयता पर आधारित सुधारों की पहल Government Employees Rule
यह छुट्टी नीति केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि एक मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है। जरा सोचिए, जब कोई कर्मचारी अपने माता-पिता की सेवा के लिए समय निकाल पाता है, तो वह मानसिक रूप से भी सशक्त होता है।
सरकार ने शिकायत निवारण प्रणाली को भी बेहतर बनाया है। पहले जहां शिकायतों का निपटारा 28 दिनों में होता था, अब उसे घटाकर (new leave policy 2025) में 16 दिन कर दिया गया है। यह नीति न केवल कर्मचारियों की सेहत और उनके पारिवारिक जीवन को बेहतर करेगी, बल्कि सरकारी तंत्र की छवि को भी सुधारने वाली साबित होगी।
रोजगार के मोर्चे पर सकारात्मक संकेत
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने बेरोजगारी को लेकर कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। RBI के अनुसार 2017–18 की तुलना में 2023–24 में रोजगार के आंकड़े 47.5 करोड़ से बढ़कर 64.33 करोड़ हो गए हैं। इसी दौरान (employee welfare news) के चलते बेरोजगारी दर 6% से घटकर 3.2% पर आ गई है।
यह संख्याएँ सरकार द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों का परिणाम हैं और दर्शाती हैं कि कर्मचारियों की भलाई को केंद्र में रखते हुए नीतियाँ बनाई जा रही हैं। साथ ही, यह नया अवकाश नियम भी इसी सोच का हिस्सा है।













