Government School Staff Shortage: There is a shortage of teachers in Haryana’s government schools, the future of 57 children depends on one teacher: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षक की कमी (Haryana ke sarkari school mein shikshak ki kami) एक बार फिर सामने आई है, जहां गन्नौर के गांव भाखरपुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक ही शिक्षक 57 बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा अकेले निभा रहे हैं।
एक शिक्षक, कई जिम्मेदारियां और बदहाल पढ़ाई Government School Staff Shortage
इस स्कूल में तैनात एकमात्र शिक्षक (Rajesh Kumar teacher) पिछले एक साल से बाल वाटिका से लेकर पांचवीं तक की सभी कक्षाएं पढ़ा रहे हैं।
उन्हें अकेले ही चार-चार विषयों की पढ़ाई के अलावा (mid-day meal duty), सरकारी रिकार्ड और उच्च अधिकारियों की बैठक जैसी ज़िम्मेदारियाँ भी निभानी पड़ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि जब उन्हें सरकारी ड्यूटी या निजी छुट्टी लेनी पड़ती है, तब स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाती है।
अभिभावकों की चिंता और घटती दाखिल संख्या
स्कूल में (teacher shortage in Haryana) का सीधा असर दाखिलों पर भी पड़ रहा है। जब शिक्षक गांव के लोगों के पास जाकर बच्चों के दाखिले की अपील करते हैं, तो उन्हें साफ जवाब मिलता है कि एक शिक्षक वाले स्कूल में वे बच्चों को नहीं भेजेंगे।
गांव के सरपंच (Haryana sarpanch complaint) राजेंद्र राठौर ने शिक्षा विभाग पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए कम से कम दो और शिक्षकों की मांग की है।
प्रशासन की सफाई और समाधान की कोशिश
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (District Education Officer) नवीन गुलिया का कहना है कि हाल ही में हुए प्रमोशन और ट्रांसफर के कारण कई स्कूलों में स्टाफ की कमी आई है।
सरकार HKRN के माध्यम से (HKRN teacher hiring) अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति कर रही है और आसपास के स्कूलों से भी अस्थायी स्टाफ भेजा जा रहा है ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।











