GST Dairy Reduction: Great news: With the reduction in GST, the income of cattle farmers will increase, milk and cheese will become cheaper!: नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने GST की दरों में बड़ा बदलाव किया है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर जोरों-शोरों से हो रही है। करीब 400 वस्तुओं और सेवाओं पर GST कम किया गया है,
जिसमें दूध और दूध से बने उत्पाद भी शामिल हैं। आज हम आपको बताएंगे कि किन चीजों पर GST कम हुआ है और इसका आम लोगों व पशुपालकों पर क्या असर पड़ेगा।
डेयरी सेक्टर को बड़ा फायदा GST Dairy Reduction
GST में कमी का सबसे बड़ा फायदा डेयरी सेक्टर और पशुपालन करने वाले परिवारों को मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से देश के 8 करोड़ गरीब परिवारों को सीधा लाभ होगा, खासकर उन लोगों को जो अपनी आजीविका के लिए पशुपालन पर निर्भर हैं।
दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ने से पशुपालकों की कमाई में इजाफा होगा। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, और यह कदम डेयरी सेक्टर को और मजबूत करेगा।
अर्थव्यवस्था में डेयरी का योगदान
डेयरी सेक्टर राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में 5.5% का योगदान देता है। GST में यह बदलाव इस सेक्टर के लिए अब तक के सबसे बड़े सुधारों में से एक है।
पहले बादाम, ओट्स और सोया दूध जैसे प्लांट-बेस्ड दूध पर 12 से 18% तक टैक्स लगता था, जिसे अब घटाकर सिर्फ 5% कर दिया गया है। इससे इन उत्पादों की कीमतें काफी कम होंगी। साथ ही, खुला पनीर पहले से टैक्स-फ्री था, लेकिन पैकेट और लेबल वाले पनीर पर लगने वाला टैक्स भी अब कम हो गया है।
पनीर की खपत बढ़ाने की कोशिश
सरकार चाहती है कि भारतीय पनीर की मांग देश और विदेशी बाजारों में बढ़े। इसके लिए GST की दरों में यह बदलाव किया गया है।
ये नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। अगर आप दूध, पनीर या अन्य डेयरी प्रोडक्ट खरीदने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार करें। 22 सितंबर के बाद ये चीजें और सस्ती हो जाएंगी।










