Anganwadi Education Reform: Shocking news: Now the bell will ring in Anganwadi, children will wear uniforms, studies will be like school!: नई दिल्ली | केंद्र की मोदी सरकार ने बच्चों की शिक्षा और पोषण को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। अब आंगनबाड़ी केंद्रों का माहौल पूरी तरह बदलने वाला है।
बच्चे अब यहाँ घंटी की आवाज के साथ प्रार्थना करेंगे, वर्दी पहनकर पढ़ाई करेंगे और स्कूल जैसा अनुभव लेंगे। यह पहल बच्चों को शुरुआती उम्र से ही शिक्षा और पोषण से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगी।
शिक्षा मंत्रालय की नई गाइडलाइंस Anganwadi Education Reform
शिक्षा मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसके तहत अब आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक स्कूल एक ही कैंपस में चलेंगे। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक खास कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस कदम का मकसद छोटे बच्चों को शुरुआत से ही शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी मौजूद थीं।
विकसित भारत का सपना
महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में यह योजना अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और प्री-स्कूल बच्चों की देखभाल के बिना देश का भविष्य मजबूत नहीं हो सकता। इस पहल से बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा का माहौल मिलेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए नया शिक्षण मॉड्यूल
अन्नपूर्णा देवी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी एक बड़ी घोषणा की। जिन कार्यकर्ताओं ने 12वीं के बाद पढ़ाई नहीं की, लेकिन आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए एक नया शिक्षण मॉड्यूल शुरू किया जाएगा।
यह डिजिटल पहल ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के स्कूलों को उन संसाधनों से जोड़ेगी, जो पहले सिर्फ बड़े शहरों में उपलब्ध थे। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिलेंगे।
शिक्षा में AI का बढ़ता दखल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शिक्षा में बढ़ावा देने पर खास ध्यान दे रहा है। अगले तीन सालों में लगभग दो लाख सरकारी और निजी हाई स्कूलों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने की योजना है। इससे बच्चों को आधुनिक तकनीक के साथ शिक्षा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल शिक्षा का विस्तार होगा।











