Halal Meat in Trains NHRC Notice: ट्रेनों में सिर्फ हलाल मांस परोसने की शिकायत पर NHRC ने रेलवे को नोटिस जारी किया। दो हफ्ते में जवाब मांगा, दलित समुदाय की आजीविका पर भी सवाल उठे।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने भारतीय रेलवे को एक बड़ा नोटिस भेज दिया है। मामला यह है कि ट्रेनों में यात्रियों को दिया जाने वाला मांसाहारी खाना सिर्फ हलाल तरीके से तैयार किया हुआ ही परोसा जाता है। शिकायत में कहा गया है कि ऐसा करना गलत भेदभाव है और यह लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस नियम की वजह से हिंदू दलित समुदाय के लोग जो सदियों से मांस का कारोबार करते आए हैं उन्हें नुकसान हो रहा है। उनकी रोजी रोटी पर असर पड़ रहा है और उन्हें बराबर का मौका नहीं मिल रहा।
रेलवे की तरफ से अभी कोई जवाब नहीं
रेलवे अधिकारियों की ओर से इस मामले में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। NHRC ने 24 नवंबर को इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कहा कि शुरुआती नजर में ये आरोप मानवाधिकारों का उल्लंघन लगते हैं। आयोग का मानना है कि सिर्फ हलाल मांस बेचने से हिंदू अनुसूचित जाति और दूसरे गैर मुस्लिम समुदायों की आजीविका को नुकसान पहुंच रहा है।
एक सरकारी संस्था होने के कारण रेलवे को देश के संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना का सम्मान करना चाहिए और हर धर्म के लोगों को अपने पसंद के खाने का अधिकार देना चाहिए।
दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अगुवाई वाली बेंच ने भोपाल के सुनील अहिरवार की शिकायत पर संज्ञान लिया है। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 12 के तहत आयोग ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को नोटिस भेजने का आदेश दिया है। रेलवे को इन आरोपों की जांच करके दो सप्ताह के अंदर पूरी रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि भारतीय रेलवे सिर्फ हलाल मांस ही परोसता है जिससे भेदभाव होता है और मानवाधिकारों का हनन होता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि रेलवे इस नोटिस का क्या जवाब देता है।













