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कृषि यंत्र योजना 2026: क्या आपका आवेदन भी हो सकता है रिजेक्ट? यहाँ जानें पात्रता की बारीकियां

On: February 1, 2026 7:03 PM
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कृषि यंत्र योजना 2026: क्या आपका आवेदन भी हो सकता है रिजेक्ट? यहाँ जानें पात्रता की बारीकियां
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कृषि यंत्र योजना 2026: हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने साल 2025-26 के लिए कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी देने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत किसानों को खेती में इस्तेमाल होने वाली 25 अलग-अलग मशीनों पर 40 से 50 प्रतिशत तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य खेती की लागत को कम करना और किसानों को शारीरिक श्रम से राहत दिलाकर मशीनीकरण को बढ़ावा देना है। सरकार की इस योजना में सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाले आधुनिक यंत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

सब्सिडी के दायरे में आने वाले प्रमुख कृषि उपकरण

सरकार ने इस बार उन मशीनों को प्राथमिकता दी है जो खेती की कार्यक्षमता बढ़ाती हैं। योजना के तहत मिलने वाले मुख्य उपकरणों की सूची नीचे दी गई है।

  • पॉवर वीडर: यह बैटरी, इलेक्ट्रिक और सोलर ऊर्जा से चलने वाले विकल्पों में उपलब्ध होगा।

  • धान मोबाइल ड्रायर और साइलेज पैकिंग मशीन: कटाई के बाद के प्रबंधन के लिए यह मशीनें काफी उपयोगी हैं।

  • लेजर लैंड लेवलर और रोटावेटर: खेत को समतल करने और मिट्टी तैयार करने के लिए।

  • स्पेशल मशीनें: रबर रोल पैडी डिशेलर, हाई क्लियरेंस बूम स्प्रेयर, ट्रैक्टर चालित फर्टिलाइजर ब्रोडकास्टर और आलू प्लांटर।

  • पशुपालन सहायक: चारा काटने वाला यंत्र भी इस सूची में शामिल किया गया है।

आवेदन करने की पात्रता और शर्तें

योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचाने के लिए विभाग ने कुछ कड़े नियम तय किए हैं। आवेदकों को इन शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

  1. पंजीकरण: किसान का मेरी फसल मेरा ब्योरा (MFMB) पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है।

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  2. सीमा: प्रत्येक परिवार पहचान पत्र (Family ID) के माध्यम से केवल एक ही आवेदन किया जा सकता है।

  3. पुराना रिकॉर्ड: किसान ने पिछले 3 सालों के दौरान उसी विशेष मशीन पर किसी भी सरकारी सब्सिडी का लाभ न लिया हो।

  4. समय सीमा: इच्छुक किसानों को विभाग की वेबसाइट agriharyana.gov.in पर 16 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।

इन दस्तावेजों को रखें तैयार

आवेदन प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए किसानों के पास निम्नलिखित वैध दस्तावेज होने चाहिए।

  • किसान के नाम पर वैध ट्रैक्टर RC (केवल ट्रैक्टर से चलने वाले यंत्रों के लिए)।

  • परिवार पहचान पत्र (Family ID) और आधार कार्ड।

  • बैंक खाता विवरण और पैन कार्ड।

  • पटवारी की रिपोर्ट और मेरी फसल मेरा ब्योरा की रसीद।

  • अनुसूचित जाति के किसानों के लिए जाति प्रमाण पत्र और एक स्वयं घोषणा पत्र।

चयन प्रक्रिया और भुगतान की विधि

आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों का चयन एक निष्पक्ष प्रणाली के जरिए किया जाएगा। जिला स्तर पर उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता वाली कमेटी ऑनलाइन ड्रा के माध्यम से किसानों का चुनाव करेगी।

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चयनित किसानों को सरकार द्वारा अधिकृत डीलरों से ही उपकरण खरीदने होंगे। मशीन की खरीद के बाद विभाग की एक विशेष टीम इसका भौतिक सत्यापन करेगी। सत्यापन की प्रक्रिया सफल होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते (DBT) में भेज दी जाएगी।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से छोटे और सीमांत किसानों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि वे महंगे यंत्र अब आधी कीमत पर खरीद सकेंगे। इससे न केवल फसल की पैदावार बढ़ेगी बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी।

आवेदन में न करें ये गलतियाँ

हरियाणा में कृषि यंत्रों पर मिलने वाली 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए सही तरीके से आवेदन करना और सही डीलर का चुनाव करना बहुत जरूरी है। कई बार किसान छोटी-छोटी तकनीकी गलतियों की वजह से योजना से वंचित रह जाते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि आप अपने ही जिले में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त डीलरों की सूची कैसे देख सकते हैं और आवेदन के समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

अपने जिले के अधिकृत कृषि यंत्र डीलरों की सूची कैसे देखें

सरकार ने यह अनिवार्य किया है कि सब्सिडी का लाभ केवल तभी मिलेगा जब आप भारत सरकार या हरियाणा सरकार द्वारा अधिकृत (Authorized) डीलरों से ही मशीन की खरीद करेंगे। सूची देखने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें।

  • आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा की वेबसाइट agriharyana.gov.in पर लॉग इन करें।

  • डीलर लिस्ट का विकल्प चुनें: वेबसाइट के होमपेज पर आपको ‘Registered Dealers’ या ‘Manufacturer List’ का एक टैब दिखाई देगा।

  • जिले और यंत्र का चुनाव: वहां अपना जिला और उस कृषि यंत्र का नाम चुनें जिसे आप खरीदना चाहते हैं (जैसे रोटावेटर या लेजर लैंड लेवलर)।

  • संपर्क विवरण प्राप्त करें: जैसे ही आप सर्च बटन पर क्लिक करेंगे, आपके जिले के सभी अधिकृत डीलरों के नाम, पते और मोबाइल नंबर आपकी स्क्रीन पर आ जाएंगे।

विशेषज्ञों की सलाह है कि खरीदारी करने से पहले कम से कम दो-तीन डीलरों से रेट और वारंटी के बारे में बात जरूर करें।

आवेदन फॉर्म भरते समय इन 5 गलतियों से बचें

अक्सर देखा गया है कि आवेदन तो बहुत होते हैं लेकिन भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के समय कई फॉर्म रिजेक्ट हो जाते हैं। इन गलतियों से बचना बहुत जरूरी है।

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  1. पुरानी सब्सिडी की जानकारी छिपाना: अगर आपने पिछले 3 सालों में उसी मशीन पर सब्सिडी ली है तो दोबारा आवेदन न करें। विभाग का सॉफ्टवेयर आपके आधार और फैमिली आईडी से तुरंत इसका पता लगा लेता है और आपका आवेदन रद्द हो सकता है।

  2. मेरी फसल मेरा ब्योरा (MFMB) डेटा: सुनिश्चित करें कि जो जमीन का विवरण आपने MFMB पोर्टल पर भरा है, वही आपके सब्सिडी आवेदन में भी हो। डेटा मिसमैच होने पर आवेदन आगे नहीं बढ़ता।

  3. ट्रैक्टर की आरसी (RC) का नाम: कई किसान अपने पिता या दादा के नाम पर पंजीकृत ट्रैक्टर की आरसी लगा देते हैं जबकि आवेदन खुद के नाम से करते हैं। ट्रैक्टर की आरसी और आवेदनकर्ता का नाम एक ही होना चाहिए।

  4. गलत बैंक विवरण: सब्सिडी सीधे बैंक खाते में (DBT) आती है। यदि आपके बैंक खाते से आधार लिंक नहीं है या केवाईसी (KYC) अधूरा है, तो पैसा अटक सकता है।

  5. अधूरे दस्तावेज: पटवारी की रिपोर्ट और जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज साफ और पठनीय होने चाहिए। धुंधली फोटो या गलत अटैचमेंट के कारण फॉर्म रिजेक्ट हो जाते हैं।

भौतिक सत्यापन के लिए रखें तैयारी

चयन होने के बाद जब विभाग की टीम आपके पास मशीन देखने आएगी, तो आपके पास डीलर द्वारा दिया गया पक्का बिल और उस पर अंकित सीरियल नंबर स्पष्ट होना चाहिए। मशीन पर निर्माता की नेमप्लेट का होना अनिवार्य है।

कृषि अधिकारियों का कहना है कि अगर किसान इन सरल नियमों का पालन करें, तो सब्सिडी मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी। समय रहते 16 फरवरी तक अपना आवेदन पूरा करें और खेती को आधुनिक बनाएं।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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