Haryana CET 2025 The dream of 13 lakh youth is in limbo, the petition in the High Court increased the tension: हरियाणा CET 2025 की तैयारियों के बीच एक नया सियासी तूफान खड़ा हो गया है! हरियाणा में ग्रुप-सी नौकरियों के लिए होने वाला कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) जुलाई में होना है, जिसमें 13.5 लाख से ज़्यादा युवाओं ने अपने सपनों की उड़ान भरी है। लेकिन अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं ने इस परीक्षा पर पेंच फंसा दिया है। रजिस्ट्रेशन से वंचित और आरक्षण का लाभ न ले पाए अभ्यर्थियों ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। क्या ये याचिकाएँ CET की तारीख को टाल देंगी? आइए, इस सनसनीखेज़ खबर के हर पहलू को जानें और समझें कि हरियाणा के युवाओं का भविष्य क्या मोड़ लेगा!
Haryana CET 2025: हाईकोर्ट में याचिका
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने जुलाई 2025 में CET आयोजित करने की पूरी तैयारी कर ली थी। लेकिन अब छह अभ्यर्थियों की याचिका ने माहौल गर्मा दिया है। इन अभ्यर्थियों ने मांग की है कि CET रजिस्ट्रेशन का पोर्टल दोबारा खोला जाए। साथ ही, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन किया, उन्हें सुधार का मौका दिया जाए। अगर हाईकोर्ट इन मांगों पर सुनवाई करता है, तो परीक्षा की तारीख टल सकती है। युवाओं के सपनों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
सरल पोर्टल बना विलेन
याचिकाकर्ता शीतल, निशा, और नैन्सी का कहना है कि सरल पोर्टल पर समय पर सर्टिफिकेट न बनने से उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिला। अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग से होने के बावजूद उन्हें जनरल कैटेगरी में रजिस्ट्रेशन करना पड़ा। याचिका में कहा गया कि इस बार रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ़ 15 दिन मिले, जबकि 2022 में एक साल का समय दिया गया था। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि पोर्टल दोबारा खोलकर सुधार का मौका दिया जाए। ये मांग लाखों युवाओं की उम्मीदों को नई किरण दे सकती है।
OTP और टेक्निकल दिक्कतें
एक याचिकाकर्ता तन्नु ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के दौरान OTP देरी से आने की वजह से वह पंजीकरण नहीं कर पाई। कई युवाओं को ऐसी टेक्निकल दिक्कतों का सामना करना पड़ा। याचिका में मांग है कि नए रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल फिर से खोला जाए। ये दिक्कतें उन युवाओं के लिए बड़ा झटका थीं, जो सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं। हाईकोर्ट का फैसला इन युवाओं के भविष्य को तय करेगा।
एक शिफ्ट की मांग
याचिकाकर्ताओं ने CET में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। चूंकि परीक्षा कई शिफ्टों में होगी, नॉर्मलाइजेशन के कारण नतीजों में गड़बड़ी हो सकती है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के मेडिकल परीक्षा के उदाहरण का हवाला देते हुए मांग की गई है कि CET एक ही शिफ्ट में हो। याचिकाकर्ताओं के वकील चरणजीत सिंह ने बताया कि ये याचिका रेगुलर बेंच के सामने जल्द सुनवाई के लिए तैयार है। क्या हाईकोर्ट का फैसला CET को नई दिशा देगा?












