अंबाला. कांग्रेस ने पंचकूला, अंबाला और सोनीपत निगम चुनावों के लिए कमेटियां बनाई हैं। भूपेंद्र हुड्डा को तीनों कमेटियों में शामिल किया गया है, जबकि कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला को जगह नहीं मिली है।
हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश में होने वाले तीन प्रमुख नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी ने पंचकूला अंबाला और सोनीपत नगर निगम चुनावों के लिए विशेष कमेटियों का गठन किया है।
इन कमेटियों की कमान प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के हाथों में सौंपी गई है। हालांकि इन कमेटियों की सूची सामने आते ही पार्टी के भीतर की गुटबाजी फिर से चर्चा का विषय बन गई है। सूची से कई बड़े दिग्गजों का नाम गायब है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कद और मजबूत नजर आ रहा है।
तीनों कमेटियों में हुड्डा का नाम शामिल
पार्टी हाईकमान द्वारा जारी की गई सूची में एक बात जो सबसे ज्यादा गौर करने वाली है वह है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी। उन्हें पंचकूला अंबाला और सोनीपत तीनों ही जिलों की चुनाव कमेटियों में प्रमुखता से जगह दी गई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों में टिकट वितरण से लेकर रणनीति बनाने तक हुड्डा की ही चलने वाली है। हर कमेटी में स्थानीय विधायकों और जिला प्रधानों को भी शामिल किया गया है ताकि जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत की जा सके।
सैलजा और सुरजेवाला को लगा बड़ा झटका
इस सूची का सबसे चौंकाने वाला पहलू कांग्रेस के तीन बड़े वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी है। सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला और चौधरी वीरेंद्र सिंह को किसी भी कमेटी में जगह नहीं दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह हैरानी की बात है क्योंकि कुमारी सैलजा पूर्व में अंबाला से सांसद रह चुकी हैं और अंबाला उनका गढ़ माना जाता है। अंबाला नगर निगम चुनाव कमेटी से ही उनका नाम नदारद होना पार्टी की अंदरूनी खींचतान को उजागर करता है। इसे हुड्डा गुट की बड़ी जीत और विरोधी गुट के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
जानिए किस कमेटी में कौन है शामिल
कांग्रेस ने जीत सुनिश्चित करने के लिए जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए इन कमेटियों का गठन किया है।
पंचकूला नगर निगम कमेटी
अध्यक्ष: राव नरेंद्र सिंह (प्रदेश अध्यक्ष)
सदस्य: भूपेंद्र सिंह हुड्डा (पूर्व सीएम)
सदस्य: वरुण चौधरी (सांसद अंबाला)
सदस्य: चंद्रमोहन बिश्नोई (विधायक पंचकूला)
सदस्य: संजय चौहान (जिलाध्यक्ष)
अंबाला नगर निगम कमेटी
अध्यक्ष: राव नरेंद्र सिंह
सदस्य: भूपेंद्र सिंह हुड्डा
सदस्य: वरुण चौधरी
सदस्य: निर्मल सिंह (विधायक अंबाला सिटी)
अन्य सदस्य: चेतन चौहान (सचिव एआईसीसी), पवन अग्रवाल (शहरी जिलाध्यक्ष), परविंदर पाल सिंह (जिला अध्यक्ष कैंट) और दुष्यंत चौहान।
सोनीपत नगर निगम कमेटी
अध्यक्ष: राव नरेंद्र सिंह
सदस्य: भूपेंद्र सिंह हुड्डा
सदस्य: सतपाल ब्रह्मचारी (सांसद सोनीपत)
सदस्य: सुरेंद्र पंवार (पूर्व विधायक) और जयवीर सिंह वाल्मीकि (पूर्व विधायक)
अन्य सदस्य: संजीव दहिया (ग्रामीण जिलाध्यक्ष), कमल दीवान (शहरी जिलाध्यक्ष) और जयभगवान अंतिल।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने स्थानीय क्षत्रपों को जिम्मेदारी देकर चुनाव जीतने का प्लान बनाया है। अंबाला में निर्मल सिंह और पंचकूला में चंद्रमोहन बिश्नोई को तरजीह देना इसी रणनीति का हिस्सा है। हालांकि बड़े नेताओं की नाराजगी चुनाव में पार्टी को भारी पड़ सकती है। अगर सैलजा और सुरजेवाला गुट ने चुनाव प्रचार से दूरी बनाई तो इसका सीधा फायदा विपक्षी दलों को मिल सकता है।
FAQ’s
प्रश्न: किन तीन शहरों में नगर निगम चुनाव होने वाले हैं?
उत्तर: हरियाणा के पंचकूला, अंबाला और सोनीपत में नगर निगम चुनाव होने वाले हैं जिनके लिए कांग्रेस ने कमेटियां गठित की हैं।
प्रश्न: कांग्रेस की चुनाव कमेटियों में किन बड़े नेताओं को जगह नहीं मिली है?
उत्तर: इन कमेटियों में वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और चौधरी वीरेंद्र सिंह को शामिल नहीं किया गया है।
प्रश्न: अंबाला नगर निगम कमेटी में किसे शामिल किया गया है?
उत्तर: अंबाला कमेटी में प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र हुड्डा, सांसद वरुण चौधरी और विधायक निर्मल सिंह सहित स्थानीय पदाधिकारियों को शामिल किया गया है।
प्रश्न: क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा सभी कमेटियों में शामिल हैं?
उत्तर: हां, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को तीनों (पंचकूला, अंबाला और सोनीपत) नगर निगम चुनाव कमेटियों में सदस्य बनाया गया है।












