Haryana corruption: Attack on corruption in Haryana: Preparations to take action against 108 revenue officers, waiting for CM Saini’s approval: हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए राजस्व विभाग के 108 अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इनमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार, और जिला राजस्व अधिकारी शामिल हैं, जिन पर गलत तरीके से रजिस्ट्रियां करने और आय से अधिक संपत्ति जमा करने का शक है।
खुफिया विभाग के इनपुट्स के आधार पर तैयार की गई इस सूची में पहले 370 पटवारी और 404 दलालों के नाम सामने आए थे। अब राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है, और अंतिम मंजूरी के लिए फाइल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास भेजी गई है। अगले सप्ताह तक चार्जशीट की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।Haryana corruption
सूत्रों के अनुसार, राजस्व विभाग ने 150 से अधिक अधिकारियों की जांच की थी, जिनमें से पहले चरण में 108 के खिलाफ सबूत जुटाए गए हैं। इन अधिकारियों ने धारा 7ए का उल्लंघन कर बिना एनओसी के रजिस्ट्रियां कीं और रिश्वत लेकर अनुचित लाभ उठाया।
रजिस्ट्री घोटाला 2020 में कोरोना काल के दौरान उजागर हुआ था, जब विशेष जांच समिति (SIT) ने 232 अधिकारियों को भू-माफिया और रियल एस्टेट एजेंट्स के साथ मिलीभगत का दोषी पाया था। पहले भी ऐसे मामलों में नोटिस जारी हुए, लेकिन दबाव के कारण कार्रवाई रुक गई। इस बार सरकार ने गोपनीयता बरतते हुए कार्रवाई को तेज कर दिया है।
यह कदम हरियाणा में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को मजबूत करने का संकेत देता है। सरकार का यह प्रयास न केवल प्रशासन में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ाएगा। हरियाणा न्यूज में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है, और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दोषी अधिकारियों को जल्द सजा मिलेगी। यह अभियान भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे आम नागरिकों को न्याय की उम्मीद जगी है।











