Haryana News: हरियाणा के 10 जिलों के सरकारी अस्पतालों में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ठेका प्रणाली लागू करने जा रहा है। जिससे स्वच्छता स्तर बेहतर होने की उम्मीद है।
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों की सफाई अब ठेके पर
प्रदेश के 10 जिलों के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से बिगड़ी सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने इन अस्पतालों में सफाई का काम प्राइवेट एजेंसियों को देने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि प्रोफेशनल एजेंसियां बेहतर तरीके से काम करेंगी, जिससे अस्पतालों में स्वच्छ माहौल मिलेगा और मरीजों को राहत मिलेगी। इसके लिए मुख्यालय ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और अगले महीने के पहले या दूसरे सप्ताह में टेंडर जारी होने की संभावना है।
एचकेआरएनएल कर्मचारियों से नहीं संभल रही थी सफाई
फिलहाल जिला नागरिक अस्पतालों में सफाई हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों के जरिए हो रही है। लेकिन कई जगह कर्मचारियों की कमी, अनियमित काम और कमजोर निगरानी के कारण सफाई उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रही। कई सरकारी अस्पतालों में दिनभर कूड़ा पड़ा रहता है और फर्श भी समय पर साफ नहीं होता।
बड़े जिले जैसे पंचकूला, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, रोहतक, भिवानी, फरीदाबाद, सोनीपत और हिसार में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। इसी वजह से मुख्यालय ने सफाई निजी एजेंसी के माध्यम से कराने का फैसला लिया है।
यमुनानगर में क्यों बढ़ रही परेशानी
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के 47 पद हैं, लेकिन सिर्फ 17 से 20 कर्मचारी ही सफाई कर रहे हैं। बाकी लोग सफाई छोड़कर डाटा एंट्री, अधिकारियों को पानी देने, गाड़ी चलाने जैसे दूसरे कामों में लगे हुए हैं। कुछ कर्मचारी तो नेताओं के संरक्षण में हैं, जो दिनभर काम के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाते हैं।
जब अधिकारी उनसे काम करवाने की कोशिश करते हैं तो नेताओं के फोन आने लगते हैं। ठेका प्रणाली लागू होने से न सिर्फ सफाई का स्तर बढ़ेगा बल्कि जवाबदेही भी तय होगी। कंपनी तय मानकों पर खरी न उतरी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जल्द लागू होगी नई व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग यमुनानगर समेत 10 जिलों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसियों का चयन जल्द करने जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पतालों में स्वच्छता की स्थिति में बड़ा बदलाव उम्मीद है, जिससे मरीजों और अस्पताल स्टाफ को राहत मिलेगी। डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर













