Haryana Right to Service: Big amendment by the government, now this facility will be available!: हरियाणा सेवा का अधिकार (Haryana Right to Service) अधिनियम, 2014 में किए गए ताजा संशोधन ने नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर लाई है। हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने इस अधिनियम में बदलाव कर समयबद्ध सेवाओं (Timely Services) को और मजबूत करने का फैसला लिया है।
नए नियमों के तहत, अगर कोई अधिकारी या शिकायत निवारण प्राधिकारी तय समय में आवेदन का निपटारा नहीं करता, तो सेवा का अधिकार आयोग स्वतः संज्ञान लेगा। यह कदम नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं देने की दिशा में बड़ा बदलाव है। आइए, इस संशोधन की खासियतें जानें।
समयबद्ध सेवाओं की गारंटी Haryana Right to Service
हरियाणा सेवा का अधिकार (Haryana Right to Service) अधिनियम में किए गए संशोधन का मकसद नागरिकों को समय पर सेवाएं सुनिश्चित करना है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी (Anurag Rastogi) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा सेवा का अधिकार नियम, 2014 के नियम 9 को बदलकर नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इन्हें ’हरियाणा सेवा का अधिकार (संशोधन) नियम, 2025’ (New Rules) के नाम से जाना जाएगा।
अब अगर कोई पदनामित अधिकारी या शिकायत निवारण प्राधिकारी तय समय में आवेदन या अपील का निपटारा नहीं करता, तो आयोग स्वतः कार्रवाई करेगा। अनुचित देरी होने पर आयोग उपयुक्त आदेश जारी करेगा। यह नियम नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं (Timely Services) देने में मदद करेगा।
कोर्ट और पुनरीक्षण में लंबित मामलों का प्रावधान
नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई मामला कोर्ट या संबंधित विभाग के पुनरीक्षण प्राधिकारी के सामने लंबित है, तो सेवा का अधिकार आयोग उसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा। हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने यह सुनिश्चित किया है कि आयोग की शक्तियां तभी लागू होंगी, जब कोर्ट या पुनरीक्षण प्राधिकारी का अंतिम फैसला आ जाए।
यह प्रावधान पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है। इससे नागरिकों को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी शिकायतों का निपटारा उचित प्रक्रिया के तहत होगा। यह नियम सरकारी सेवाओं में विश्वास बढ़ाने का काम करेगा।
नागरिकों के लिए बड़ी राहत
हरियाणा सेवा का अधिकार (Haryana Right to Service) में यह संशोधन नागरिकों के लिए एक बड़ा तोहफा है। पहले कई बार सरकारी सेवाओं में देरी के कारण लोगों को परेशानी होती थी। अब आयोग की स्वतः संज्ञान लेने की शक्ति से यह समस्या कम होगी। अनुराग रस्तोगी (Anurag Rastogi) ने इस बदलाव को नागरिक-केंद्रित बताया है।
यह संशोधन सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गति लाएगा। नागरिकों को अब अपनी शिकायतों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार (Haryana Government) का यह कदम प्रशासन को और जवाबदेह बनाएगा। अगर आप भी सरकारी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं, तो यह बदलाव आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।













