Neeru Dhanda Gold Medal : हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली ट्रैप शूटर नीरू ढांडा (Asian Games 2026 Neeru Dhanda) ने जापान के आईची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा के फाइनल में 28 अंक हासिल कर न केवल गोल्ड मेडल अपने नाम किया, बल्कि नया एशियाई रिकॉर्ड भी स्थापित किया। यह मौजूदा एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारत का पहला स्वर्ण पदक है, जबकि इससे पहले आए चारों गोल्ड टीम स्पर्धाओं में मिले थे। इस जीत के साथ ही भारत की पदक तालिका 47 (5 गोल्ड, 21 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज) तक पहुंच गई है और देश पदक तालिका में 11वें स्थान पर आ गया है।
ट्रैप स्पर्धा में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक पर सटीक निशाना साधने से पहले नीरू ढांडा ने विमेंस ट्रैप (Neeru Dhanda trap shooter Jind) टीम स्पर्धा में भी देश को रजत पदक दिलाया। इस टीम मुकाबले में नीरू ढांडा के साथ हरियाणा की आशिमा अहलावत और मनीषा कीर शामिल रहीं। भारतीय महिला तिकड़ी ने सटीक तालमेल दिखाते हुए रजत पदक पक्का किया। इसके बाद व्यक्तिगत फाइनल में नीरू ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और 28 अंकों के रिकॉर्ड स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर तिरंगा लहराया।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने क्या कहा?
हरियाणा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री नायब सैनी (Naib Saini on Neeru Dhanda) ने सोशल मीडिया के जरिए नीरू ढांडा और उनके कोच को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने लिखा, “आज हरियाणा की बेटी ने पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया! एशियन गेम्स 2026 में जींद की नीरू ढांढा ने ट्रैप शूटिंग में अपने शानदार निशाने से स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया है।” उन्होंने नीरू की वर्षों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कोच के उत्साह की भी तारीफ की और लिखा, “भारत माता की जय, कोच साहब। हरियाणवियों की तरह आपका जोश भी एकदम हाई है। धाकड़ बेटी नीरू नै गोल्ड मेडल ल्याकै जमा लठ सा गाड़ दिया।”
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कौन हैं गोल्ड मेडलिस्ट नीरू ढांडा?
नीरू ढांडा मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले के संगतपुरा गांव की रहने वाली हैं। उनका जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ, जहां पिता खेती करते हैं और माता गृहिणी हैं। बाद में उनका परिवार मध्य प्रदेश के शिवपुरी में जाकर बस गया। नीरू वर्तमान में भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस (सीएमपी) में नायब सूबेदार के पद पर देश सेवा कर रही हैं। वे सेना की प्रतिष्ठित ‘आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट’ (एएमयू) महू, मध्य प्रदेश में अपनी पेशेवर ट्रेनिंग लेती हैं।
निशानेबाजी की शुरुआत कैसे हुई?
नीरू को शूटिंग (Neeru Dhanda Indian Army) में आने की प्रेरणा अपने ममेरे भाई लक्ष्य शेरोन से मिली, जिन्होंने एशियन गेम्स 2018 में ट्रैप शूटिंग का सिल्वर मेडल जीता था। औपचारिक प्रशिक्षण मिलने से पहले नीरू घर में रखी पुरानी दोनाली बंदूक से खाली टीन के डिब्बों पर निशाना साधकर अभ्यास करती थीं। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में दाखिला लिया, जहां से उनके खेल को पेशेवर दिशा मिली। उन्होंने 2020 खेलो इंडिया यूथ गेम्स में अंडर-21 गोल्ड, 2025 एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में व्यक्तिगत व टीम गोल्ड और 2026 में इटली के लोनाटो में आयोजित आईएसएसएफ शॉटगन वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। #AsianGames2026 #NeeruDhanda #HaryanaPride












