Hisar Flood 2025, सिटी रिपोर्टर | हिसार : जिले में लगातार पांचवे दिन बुधवार को भी रुक-रुक कर बारिश हुई। ज्यादा बारिश से जिले के सैकड़ों गांवों में हालात खराब होते जा रहे हैं। 35 स्कूलों में पानी भर गया है। जहां जलभराव है उन स्कूलों में 3 सितंबर को बच्चों की छुट्टी की गई है। भगाना और लाडवा दाहिमा के बीच घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन टूट गई।
इसके कारण करीब 500 एकड़ एरिया में खेतों में पानी जमा हो गया। सिंचाई विभाग की टीमों और ग्रामीणों ने ड्रेन पाटने का काम किया। इधर, गंगवा, पातन, आर्यनगर आदि गांवों में रिहायशी बस्तियों तक पानी पहुंच गया है। पातन में खेतों में बनी ढाणियों और बस स्टैंड के निकट रिहायशी बस्ती तक पानी पहुंचा हुआ है। यहां से करीब 40 परिवारों ने गांव में दूसरी जगहों पर आश्रय लिया है।
इधर, आर्यनगर गांव में अभी भी सीएचसी और सरकारी स्कूल पानी जमा है। रिहायशी एरिया के घरों में भी पानी भरा हुआ है। सरसौद और राजली गांवों में भी घरों तक पानी पहुंच गया। जो घर निचले इलाके में हैं वे अपने पशुओं और सामान को दूसरी जगहों पर शिफ्ट कर रहे हैं।
कोथ कलां में घर की छत गिरी
नारनौंद कोष कलां में बारिश के चलते आधी रात को एक मकान के कमरे की छत गिर गई। छत गिरने से कमरे में सो रहा परिवार दब गया। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, उसकी दो बेटियां घायल हैं। महिला का पति और बेटा बाल-बाल बच गए। हादसा मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में हुआ।
करीब 33 वर्षीय महिला रहीसा परिवार के लोगों के साथ कमरे में सो रही थी। रात करीब 2 बजे अचानक कमरे की छत गिर गई। कमरे में परिवार के अन्य आदि एरिया में लिंक रोड पर खेतों आर्यनगर सीएचसी में जलभराव के बाद स्टाफ क्वार्टरों से सामान बाहर निकालते कर्मचारी लोग भी सोए थे। लोगों ने किसी तरह मलबे में दबे परिवार का पानी आ रहा है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन आनंद श्योराण ने बताया कि लाडवा, दाहिमा एरिया में ड्रेन टूटने के बाद इसको पाटने का काम आरंभ कर दिया था, वहां ड्रेन को बांध दिया गया है। ड्रेन अभी ओवरफ्लो चल रही है।
जलभराव से प्रभावित गांवों में पहुंचे मंत्री व अधिकारी
डीसी अनीश यादव ने राजस्व तथा पंचायत विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी जलभराव से प्रभावित गांवों की निगरानी के लिए लगाई है। कैबिनेट मंत्री रणवीर सिंह गंगवा गांव भगाणा में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। अधिकारियों से जल निकासी प्रबंधों की भी समीक्षा की। को बाहर निकाला।
क्षतिपूर्ति पोर्टल 81 गांवों के लिए खुला, और गांव जुड़ेंगे
अभी तक 81 गांवों में हुए नुकसान के लिए किसानों से क्षतिपूर्ति पोर्टल से आवेदन लिए जा रहे हैं। अभी तक पोर्टल पर 10 हजार 266 किसानों ने फसल खराबे का 65 हजार 235 एकड़ रकबा दर्ज किया है। पोर्टल पर जल्द अन्य गांवों के नाम भी शामिल किए जाएंगे।
4 साल का रिकॉर्ड टूटा, जिले में अब तक 629 एमएम बारिश
जिले में बाढ़ जैसे हालात के पीछे सामान्य से दो गुणा अधिक बारिश है। मानसून सीजन में अभी तक 6294 एमएम बारिश हो चुकी है। यह रिकॉर्ड तोड़ बारिश है। मगर अभी तक 13 दिन सीजन के और बाकी है। हालांकि इससे पहले वर्ष 2021 में भी ज्यादा बारिश हुई थी। पूरे सीजन में 7302 एमएम बारिश हुई थी। जिले में मानसून सीजन में सामान्य तौर पर 354 एमएम बारिश होती है। रिकॉर्ड के हिसाब से देखें तो अभी तक पिछले 4 साल का रिकॉर्ड टूट गया है।
नोट: ये सभी आंकड़े एके कृषि मौसम विज्ञान विभाग से लिए गए हैं।












