हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने ठंड और कोहरे के कारण 17-18 जनवरी को होने वाली एचटेट परीक्षा स्थगित कर दी है। अब यह परीक्षा जनवरी के अंतिम सप्ताह में आयोजित होगी।
चंडीगढ़. हरियाणा में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने 17 और 18 जनवरी को प्रस्तावित हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
बोर्ड ने यह फैसला प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए लिया है। बोर्ड प्रशासन का मानना है कि ऐसे मौसम में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता था।
जनवरी के आखिरी हफ्ते में होगी परीक्षा
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ पवन कुमार शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा रद्द नहीं हुई है बल्कि इसे कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ाया गया है। अब बोर्ड की योजना इस परीक्षा को जनवरी महीने के अंतिम सप्ताह में आयोजित करने की है।
अधिकारियों के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों के भीतर नई तारीखों का ऐलान आधिकारिक तौर पर कर दिया जाएगा। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान देने की बजाय बोर्ड की वेबसाइट चेक करते रहें।
एक सप्ताह पहले आएंगे एडमिट कार्ड
बोर्ड चेयरमैन ने एडमिट कार्ड को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि नई परीक्षा तिथि घोषित होने के बाद परीक्षा से ठीक एक सप्ताह पहले एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
अभ्यर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जाकर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। इससे छात्रों को अपने परीक्षा केंद्र की जानकारी समय रहते मिल जाएगी और वे अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षा
एचटेट यानी हरियाणा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट राज्य में सरकारी शिक्षक बनने के लिए पहली और अनिवार्य सीढ़ी है। यह परीक्षा तीन स्तरों पर आयोजित की जाती है।
लेवल 1: पीआरटी (प्राइमरी टीचर) कक्षा 1 से 5 के लिए।
लेवल 2: टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) कक्षा 6 से 8 के लिए।
लेवल 3: पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) कक्षा 9 से 12 के लिए। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही अभ्यर्थी शिक्षा विभाग द्वारा निकाली जाने वाली भर्तियों में आवेदन करने के योग्य माने जाते हैं।
मिला रिवीजन का मौका
शिक्षा जगत के जानकारों का कहना है कि परीक्षा स्थगित होने से गंभीर छात्रों को थोड़ा फायदा भी हुआ है। उन्हें अपनी तैयारी को और पक्का करने के लिए 10 से 15 दिन का अतिरिक्त समय मिल गया है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि छात्र इस समय का सदुपयोग करें और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी कमजोरियों को दूर करें। ठंड के कारण पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए घर पर रहकर ही ऑनलाइन माध्यमों से रिविजन जारी रखें।
मौसम बना सबसे बड़ी बाधा
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पूरा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है। हरियाणा के कई जिलों में दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई है। ऐसे में दूरदराज के इलाकों से आने वाले अभ्यर्थियों और खासकर महिला उम्मीदवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने यह संवेदनशील फैसला लिया है।













