Cyclone Ditwah: चक्रवात दित्वा से तबाही झेल रहे श्रीलंका को भारत ने राहत सामग्री भेजी और INS विक्रांत तैनात किया। यह मानवीय सहायता भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत तेजी से भेजी गई।
Cyclone Ditwah: भारत की त्वरित मदद पहुंची
चक्रवाती तूफान दित्वा से तबाह हुए श्रीलंका की मदद के लिए भारत तुरंत सक्रिय हो गया। ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारत ने राहत सामग्री और जरूरी मानवीय सहायता भेजी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दित्वा से जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि भारत नेबरहुड फर्स्ट और विजन महासागर नीति के तहत हर संभव मदद के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत बदलती स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सहायता देने के लिए भी तत्पर है और इस कठिन समय में श्रीलंका के साथ खड़ा है।
INS विक्रांत की तैनाती से बढ़ी उम्मीदें
भारतीय विमानवाहक पोत INS विक्रांत को भी बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य तेज करने के लिए तैनात किया जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक विक्रांत हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2025 की तैयारियों के लिए कोलंबो पहुंचा था। वहीं, दित्वा की वजह से हालात बिगड़ने पर श्रीलंका ने विक्रांत के एयरक्राफ्ट की मदद से राहत कार्यों के लिए औपचारिक अनुरोध किया।
मौतों का आंकड़ा बढ़कर 56
पूरे देश में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 लोग लापता हैं।
आपदा प्रबंधन केंद्र ने बताया कि बीते 72 घंटों में 46 मौतें दर्ज की गई हैं। कुल 43,991 लोग और 12,313 परिवार दित्वा से प्रभावित हुए हैं। हालात गंभीर होने पर शुक्रवार को जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया।
सबसे ज्यादा नुकसान बडुल्ला और नुवारा एलिया में
श्रीलंका के मध्य पहाड़ी इलाके, खासकर बडुल्ला और नुवारा एलिया, चक्रवात से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। यहां 25 से ज्यादा लोगों की मौत लैंडस्लाइड के कारण हुई है।
ये चाय उत्पादन के लिए मशहूर क्षेत्र कोलंबो से लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थित हैं। दोनों जिलों से 21 लोगों के लापता और 14 के घायल होने की खबर है। देश के अन्य क्षेत्रों में भी भूस्खलन और बाढ़ से नुकसान हुआ है।
यातायात व्यवस्था चरमरा गई
भारी बारिश ने कई बांधों और नदियों के जलस्तर को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है। चट्टानें, पेड़ और मिट्टी गिरने से सड़कें बंद हैं। कई रेलमार्ग पानी में डूब गए, जिसके चलते यात्री ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं।
फ्लाइट्स ने बदला रास्ता
कोलंबो की ओर जा रही पांच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया। हवाई अड्डा प्रबंधन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर और फ्लाइट्स भी यहां डायवर्ट की जा सकती हैं।













