Indo-Pak Tension: Tight security in Varanasi amid Indo-Pak tension: Every inch of Kashi Vishwanath and Sankatmochan temple under surveillance: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम और संकटमोचन मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती को और मजबूत किया गया है। सीसीटीवी कैमरों, बम निरोधक दस्तों, और एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आइए, इस सतर्कता के पीछे की वजह और सुरक्षा इंतजामों को विस्तार से समझते हैं।
काशी विश्वनाथ धाम में अभेद्य सुरक्षा Indo-Pak Tension
श्री काशी विश्वनाथ धाम, जो लाखों श्रद्धालुओं का आस्था केंद्र है, उसकी सुरक्षा को लेकर वाराणसी पुलिस कोई जोखिम नहीं उठा रही। शनिवार को गंगा द्वार से लेकर धाम के सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस की मुस्तैदी साफ नजर आई। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड के साथ टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
लोकल इंटेलिजेंस यूनिट भी माहौल की पल-पल की जानकारी जुटा रही है। एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी ने बताया कि धाम की सुरक्षा में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। धाम के आसपास की गलियों और सड़कों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो रही है, और श्रद्धालुओं को सख्त चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। आंतरिक सुरक्षा सीआरपीएफ के हवाले है, जबकि बाहरी सुरक्षा पुलिस और पीएसी के जिम्मे है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम और कमांडो की तैनाती
भारत-पाक तनाव को देखते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित है, और काशी विश्वनाथ धाम इसकी प्राथमिकता में है। धाम में एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया गया है, जो किसी भी हवाई खतरे को तुरंत भांप सकता है।
इसके अलावा, कमांडो की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड में हैं। सरवणन टी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कोई सामान ले जाने की अनुमति नहीं है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि धाम में आने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित और निश्चिंत होकर दर्शन कर सके।
संकटमोचन मंदिर में सख्त इंतजाम
संकटमोचन मंदिर, जो अतीत में आतंकी हमले का शिकार हो चुका है, वहां भी सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाया गया है। मंदिर में प्रवेश से पहले निजी सुरक्षा कर्मी सख्त चेकिंग करते हैं, और मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। मंदिर परिसर और प्रवेश द्वारों पर डेढ़ दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।
लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि मंगलवार और शनिवार को भारी भीड़ के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है, लेकिन अन्य दिनों में भी पुलिस का पहरा कम नहीं होता। मंदिर के आसपास पुलिसकर्मी लगातार भ्रमण कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। तनाव के इस माहौल में शांति और एकजुटता बनाए रखना जरूरी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की सतर्कता से उन्हें सुरक्षित महसूस हो रहा है। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि सख्त सुरक्षा के बावजूद दर्शन की प्रक्रिया सुगम है, जिससे उनकी आस्था पर कोई असर नहीं पड़ रहा।
वाराणसी की सतर्कता
वाराणसी, जो भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी है, वहां सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही। काशी विश्वनाथ धाम और संकटमोचन मंदिर जैसे स्थल न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी संवेदनशील हैं।
पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की सजगता ने यह सुनिश्चित किया है कि श्रद्धालु बिना किसी डर के अपनी आस्था का पालन कर सकें। जैसे-जैसे भारत-पाक तनाव का माहौल बना हुआ है, वाराणसी की यह सतर्कता देश के लिए एक मिसाल है।













