Jharkhand School Timing Changed due to extreme heat: झारखंड में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। डाल्टनगंज में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, और मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस चिलचिलाती गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए झारखंड सरकार ने स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। नर्सरी से कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए नया समय लागू किया गया है, ताकि उन्हें दोपहर की तपिश से बचाया जा सके। आइए जानते हैं, नई टाइमिंग क्या है और यह फैसला क्यों जरूरी था।
Jharkhand School Timing Changed: स्कूलों की नई टाइमिंग
झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 26 अप्रैल 2025 से अगली सूचना तक सभी सरकारी, गैर-सरकारी, और निजी स्कूलों के लिए नई टाइमिंग लागू की है। नर्सरी से कक्षा 8 तक की कक्षाएं अब सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक चलेंगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगे।
यह बदलाव सभी प्रकार के स्कूलों, जिसमें अल्पसंख्यक और गैर-सहायता प्राप्त स्कूल भी शामिल हैं, पर लागू होगा। सरकार का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, ताकि वे गर्मी और लू के दुष्प्रभाव से बचे रहें।
गर्मी का कहर और येलो अलर्ट
झारखंड में गर्मी ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, राज्य में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। डाल्टनगंज में बुधवार को 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है।
जमशेदपुर में 42.6 डिग्री और चाईबासा में 42.4 डिग्री तापमान ने गर्मी की तीव्रता को दर्शाया। मौसम विभाग ने 12 जिलों सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, और साहिबगंज के लिए 26 अप्रैल तक गर्म और आर्द्र मौसम के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
रांची में तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा, और अगले तीन दिनों तक इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, 27 अप्रैल से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, जो थोड़ी राहत दे सकती है।
अभिभावकों के लिए सलाह
अगर आपके बच्चे झारखंड के स्कूलों में पढ़ते हैं, तो नई टाइमिंग के अनुसार उनकी दिनचर्या को व्यवस्थित करें। बच्चों को सुबह जल्दी तैयार करें और दोपहर तक घर वापसी की व्यवस्था करें। उन्हें पर्याप्त पानी, हल्के कपड़े, और टोपी साथ रखने की सलाह दें। गर्मी से बचाव के लिए ताजे फल, नारियल पानी, और हल्का भोजन दें। जंक फूड से बचें, ताकि बच्चे स्वस्थ रहें।
बच्चों की सुरक्षा क्यों जरूरी?
गर्मी और लू का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है, जो शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं। दोपहर के समय तेज धूप में स्कूल आने-जाने से बच्चों को डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। झारखंड सरकार ने इस खतरे को गंभीरता से लिया और स्कूलों की टाइमिंग को सुबह तक सीमित कर दिया।
यह फैसला बच्चों को गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाने और अभिभावकों की चिंताओं को कम करने के लिए लिया गया है। स्कूलों में खुले में खेल या अन्य गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें।












