Kaise aati hai Tsunami: रूस के कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार सुबह भारतीय समयानुसार 4:54 बजे आया जबरदस्त भूकंप जिसकी तीव्रता 8.8 मापी गई। इ
सका केंद्र समुद्र के भीतर था और इसका असर जापान के कुरिल द्वीपों तक महसूस किया गया। यहां करीब 4 मीटर यानी 13 फीट ऊंची सुनामी लहरें उठीं जिससे तटीय इलाकों में हड़कंप मच गया।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, ये अब तक के सबसे ताकतवर 6 भूकंपों में एक है। इसके बाद रूस, जापान और अन्य प्रशांत द्वीपों में सुनामी चेतावनी जारी कर दी गई। अलास्का के कुछ हिस्सों में भी अलर्ट है।
Kaise aati hai Tsunami: सुनामी क्या होती है?
सुनामी शब्द जापानी भाषा से लिया गया है—“सू” यानी समुद्र तट और “नामी” यानी लहरें। जब समुद्र के भीतर अचानक कोई तेज हलचल होती है, जैसे कि भूकंप, ज्वालामुखी या भूस्खलन, तो समुद्र की सतह पर एक विशाल ऊर्जा फैलती है, जिससे विशाल लहरें उठती हैं। ये लहरें तटों की ओर दौड़ती हैं और जान-माल को भारी नुकसान पहुंचाती हैं।
सुनामी के मुख्य कारण
1. भूकंप: जब समुद्र के नीचे टेक्टोनिक प्लेट्स खिसकती हैं, तो पानी ऊपर उठता है और सुनामी बनती है।
2. ज्वालामुखी विस्फोट: समुद्र के नीचे विस्फोट से पानी विस्थापित होता है और तेज़ लहरें बनती हैं।
3. भूस्खलन: जब चट्टानें या मिट्टी समुद्र में गिरती हैं तो पानी में उथल-पुथल मचती है।
4. उल्का या धूमकेतु का गिरना: अगर समुद्र में कोई उल्का गिर जाए, तो वह भी सुनामी का कारण बन सकता है।
सामान्य लहर vs सुनामी
सामान्य समुद्री लहरें चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण से बनती हैं, जबकि सुनामी समुद्र के अंदर भूगर्भीय घटनाओं के कारण आती है। सुनामी की लहरें तेज, विशाल और विनाशकारी होती हैं।
सुनामी की रफ्तार और ऊंचाई
समुद्र के भीतर सुनामी की गति 800 किमी/घंटा तक हो सकती है यानी एक हवाई जहाज़ जितनी तेज। किनारों के पास आते ही ये धीमी तो हो जाती हैं, लेकिन इनकी ताकत और ऊंचाई और बढ़ जाती है। लहरें 10 से 18 मीटर यानी 60 फीट तक ऊंची हो सकती हैं।
क्या सुनामी की भविष्यवाणी हो सकती है?
वैज्ञानिक अभी तक सुनामी के समय और स्थान की सटीक भविष्यवाणी नहीं कर सकते, लेकिन सुनामी चेतावनी केंद्र ये जरूर पता लगा सकते हैं कि कौन से भूकंप सुनामी उत्पन्न कर सकते हैं और समय पर चेतावनी दे सकते हैं।
सुनामी के इतिहास की भयानक घटनाएं
11 मार्च 2011, जापान: 9.1 तीव्रता के भूकंप से उठी सुनामी ने जापान में 236 अरब डॉलर का नुकसान किया।
26 दिसंबर 2004, इंडोनेशिया: इतिहास की सबसे खतरनाक सुनामी जिसमें 15 देशों में 2.3 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
27 मार्च 1964, अलास्का: 9.2 तीव्रता के भूकंप से 167 फीट ऊंची लहरें उठीं, 124 मौतें।
1 अप्रैल 1946, अलास्का: 8.6 तीव्रता के भूकंप से हवाई समेत कई क्षेत्रों में 167 लोगों की जान गई।
1 नवंबर 1755, पुर्तगाल: 8.5 तीव्रता के भूकंप से 50,000 मौतें।
26 जनवरी 1700, कैस्केडिया: 9.0 तीव्रता के भूकंप से जापान तक सुनामी पहुंची।












