कुरुक्षेत्र के पशु मेले में पंजाब का ‘काका’ घोड़ा छाया रहा। 5 करोड़ रुपये की कीमत वाले इस नुकरे घोड़े ने लगातार 21 प्रतियोगिताएं जीतने का रिकॉर्ड बनाया है।
कुरुक्षेत्र. हरियाणा की धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आयोजित राष्ट्रीय पशु मेला इस बार एक खास वजह से चर्चा का विषय बना रहा। मेले में हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों के पशुपालकों ने अपने बेहतरीन जानवरों का प्रदर्शन किया। लेकिन इन सबके बीच पंजाब से आया ‘काका’ नाम का घोड़ा महफिल लूट ले गया।
नुकरे नस्ल का यह घोड़ा अपनी खूबसूरती और कद काठी के कारण पूरे मेले में आकर्षण का केंद्र बना रहा। इसकी कीमत और खूबियां जानकर वहां मौजूद किसान और दर्शक दंग रह गए।
कीमत इतनी कि खरीद लें लग्जरी बंगला
मेले में आए दर्शकों के लिए सबसे बड़ी हैरानी की बात इस घोड़े की कीमत थी। काका के मालिक सन्नी ने इसकी कीमत 5 करोड़ रुपये आंकी है। आम तौर पर इतने रुपयों में एक आलीशान बंगला या कई लग्जरी गाड़ियां खरीदी जा सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी नस्ल और रिकॉर्ड जीत के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐसे घोड़ों की मांग बहुत ज्यादा होती है। 4 साल की उम्र में ही काका ने अपनी वैल्यू साबित कर दी है।
आज तक नहीं हारा कोई मुकाबला

काका को चैंपियनों का चैंपियन कहा जा रहा है और इसके पीछे एक ठोस वजह है।
इस घोड़े ने अब तक कुल 21 अलग अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है।
हैरानी की बात यह है कि इसने सभी 21 प्रतियोगिताओं में पहला स्थान हासिल किया है।
कुरुक्षेत्र पशु मेले में भी इसने अपनी कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी बादशाहत कायम रखी।
सन्नी बताते हैं कि जीतना काका की आदत बन चुकी है और यही रिकॉर्ड इसे करोड़ों का घोड़ा बनाता है।
शाही है खानपान और डाइट
करोड़ों की कीमत वाले इस घोड़े की देखभाल भी किसी राजा से कम नहीं होती। सन्नी ने बताया कि वे 2007 से घोड़े पालने का शौक रखते हैं और काका को अपने परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं। इसकी डाइट में केवल घास फूस नहीं बल्कि मेवे शामिल हैं।
काका हर रोज चने और बादाम खाता है।
इसकी सेहत बनाए रखने के लिए इसे शुद्ध देसी घी दिया जाता है।
इसके अलावा सेब और गाजर जैसे पौष्टिक फल इसकी रोजाना की खुराक का हिस्सा हैं। सन्नी खुद फीड बनाने का काम करते हैं इसलिए वे अपने घोड़ों के लिए स्पेशल फीड तैयार करते हैं।
खून में ही है जीत का जज्बा
काका की रगों में एक चैंपियन परिवार का खून दौड़ रहा है। इसके पिता का नाम ‘किंग’ और माता का नाम ‘नाज’ है। ये दोनों भी अपने समय के बेहतरीन घोड़े रहे हैं और उन्होंने कई खिताब अपने नाम किए थे।
यह घोड़ा मारवाड़ी नुकरे नस्ल का है। इस नस्ल की पहचान इसकी पतली और लंबी गर्दन, सीधे खड़े कान और मजबूत कद काठी होती है। इसका दूधिया सफेद रंग और पैरों की बनावट इसे जजों की पहली पसंद बनाती है।
विशेषज्ञों की राय
पशु विशेषज्ञों के अनुसार नुकरे घोड़े अपनी सुंदरता और वफादारी के लिए जाने जाते हैं। भारत में मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों का एक समृद्ध इतिहास रहा है। काका जैसे घोड़े न केवल पशुपालन क्षेत्र में मुनाफे का सौदा हैं बल्कि यह भारतीय नस्लों के संरक्षण की दिशा में भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं। ऐसे मेलों से युवाओं को पशुपालन की ओर आकर्षित होने का मौका मिलता है।
FAQ’s
प्रश्न: कुरुक्षेत्र मेले में सबसे महंगा घोड़ा कौन सा था?
उत्तर: मेले में ‘काका’ नाम का नुकरे नस्ल का घोड़ा सबसे महंगा था जिसकी कीमत उसके मालिक ने 5 करोड़ रुपये बताई है।
प्रश्न: काका घोड़े की क्या खासियत है?
उत्तर: काका ने अब तक 21 प्रतियोगिताओं में भाग लिया है और सभी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह पूरी तरह सफेद रंग का मारवाड़ी नुकरा घोड़ा है।
प्रश्न: इस घोड़े की डाइट क्या है?
उत्तर: यह घोड़ा खाने में चना, बादाम, सेब, गाजर और देसी घी जैसी पौष्टिक चीजें लेता है।
प्रश्न: काका घोड़ा किस नस्ल का है?
उत्तर: काका ‘मारवाड़ी नुकरा’ नस्ल का घोड़ा है जो अपनी सुंदरता और कद काठी के लिए प्रसिद्ध है।











