ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

LPU ने तुर्की-अजरबैजान के साथ शैक्षिक समझौते रद्द किए: अशोक मित्‍तल

On: May 17, 2025 12:41 PM
Follow Us:
LPU ने तुर्की-अजरबैजान के साथ शैक्षिक समझौते रद्द किए: अशोक मित्‍तल
Join WhatsApp Group

LPU cancels educational agreements with Türkiye-Azerbaijan: पंजाब के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), जो देश की सबसे बड़ी निजी विश्वविद्यालयों में से एक है, ने एक ऐतिहासिक और साहसिक फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने तुर्की और अजरबैजान के साथ सभी शैक्षिक समझौते रद्द (educational agreements cancelled) कर दिए हैं।

यह निर्णय भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान इन दोनों देशों के पाकिस्तान समर्थक रुख के जवाब में लिया गया है। LPU के चांसलर और राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल ने इस फैसले को राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी बताया। इस कदम ने न केवल शैक्षिक जगत में हलचल मचाई है, बल्कि देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का एक मजबूत संदेश भी दिया है।

शैक्षिक समझौते रद्द, राष्ट्रीय हित सर्वोपरि: अशोक मित्‍तल

डॉ. अशोक मित्तल ने स्पष्ट किया कि LPU ने तुर्की और अजरबैजान के शैक्षिक संस्थानों के साथ छह प्रमुख साझेदारियों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। इन साझेदारियों में छात्र और स्टाफ विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, दोहरी डिग्री पहल, और अन्य शैक्षिक सहयोग (academic collaboration) शामिल थे। मित्तल ने कहा कि हाल की भू-राजनीतिक घटनाओं, विशेष रूप से भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान तुर्की और अजरबैजान का पाकिस्तान समर्थक रुख, भारत के राष्ट्रीय हितों (national interest) के खिलाफ था। इसलिए, विश्वविद्यालय ने यह कठोर लेकिन जरूरी कदम उठाया।

भारत की संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं

सांसद मित्तल ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि LPU का मिशन हमेशा से भारत के विकास और अखंडता से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा, “जब हमारे सशस्त्र बल सीमा पर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, तब हम एक शैक्षिक संस्थान के रूप में चुप नहीं रह सकते।” LPU ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी ऐसे संगठन या देश के साथ सहयोग (university partnerships) नहीं करेगा जो भारत की संप्रभुता को कमजोर करता हो। मित्तल ने अन्य शैक्षिक संस्थानों से भी अपील की कि वे तुर्की और अजरबैजान के साथ अपने समझौतों की समीक्षा करें और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दें।

हरियाणा लाडो लक्ष्मी योजना 2026: मुख्यमंत्री ने जारी की सातवीं किस्त, गैस सब्सिडी के पैसे भी ट्रांसफर
हरियाणा लाडो लक्ष्मी योजना 2026: मुख्यमंत्री ने जारी की सातवीं किस्त, गैस सब्सिडी के पैसे भी ट्रांसफर

LPU का देशभक्ति से भरा संदेश

यह फैसला केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि देश के प्रति LPU की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। विश्वविद्यालय ने अपने इस कदम से यह संदेश दिया है कि शैक्षिक सहयोग और वैश्विक साझेदारियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन भारत की सुरक्षा और सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं। मित्तल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “हमारे दुश्मन देश की मदद करने वाले तुर्की और अजरबैजान के साथ LPU हर तरह का सहयोग समाप्त करता है।” इस बयान ने सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन हासिल किया, और कई लोग इसे देशभक्ति का एक प्रेरणादायक उदाहरण मान रहे हैं।

शैक्षिक जगत पर प्रभाव

LPU का यह निर्णय शैक्षिक जगत में एक मिसाल बन सकता है। तुर्की और अजरबैजान के साथ रद्द किए गए समझौते उन कार्यक्रमों को प्रभावित करेंगे जो छात्रों और शिक्षकों के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर प्रदान करते थे। हालांकि, मित्तल ने आश्वासन दिया कि LPU अपने छात्रों के लिए अन्य वैश्विक साझेदारियों (global academic partnerships) के जरिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करेगा। विश्वविद्यालय पहले से ही दुनिया भर के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ सहयोग करता है, और यह फैसला भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा

LPU का यह साहसिक कदम (LPU decision) न केवल भारत के शैक्षिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि देश के हितों के लिए बड़े फैसले लेने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। विश्वविद्यालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भविष्य में भी उन देशों या संगठनों के साथ सहयोग नहीं करेगा जो भारत के खिलाफ खड़े हों। यह फैसला न केवल LPU के छात्रों और कर्मचारियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल है।

LPU का यह कदम युवाओं और समाज के लिए एक बड़ा संदेश लेकर आया है। यह दिखाता है कि शैक्षिक संस्थान न केवल ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि राष्ट्रीय मूल्यों और देशभक्ति को भी बढ़ावा दे सकते हैं। मित्तल ने कहा कि LPU हमेशा से अपने छात्रों को नैतिकता, देशप्रेम, और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इस फैसले से न केवल विश्वविद्यालय की छवि मजबूत हुई है, बल्कि यह अन्य संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणा बन गया है कि वे अपने निर्णयों में राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दें।

हरियाणा UG एडमिशन अपडेट: बिना रिजल्ट आए खुलेगा पोर्टल, जानें आवेदन में गलती होने पर कैसे होगा सुधार
हरियाणा UG एडमिशन अपडेट: बिना रिजल्ट आए खुलेगा पोर्टल, जानें आवेदन में गलती होने पर कैसे होगा सुधार

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now