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Mehul Choksi की बेल्जियम में गिरफ्तारी, 125 साल पुरानी संधि लाएगी भारत?

On: अप्रैल 15, 2025 12:22 अपराह्न
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Mehul Choksi की बेल्जियम में गिरफ्तारी, 125 साल पुरानी संधि लाएगी भारत?
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Mehul Choksi extradition treaty kya hai details in Hindi: सात साल से फरार हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी की बेल्जियम में गिरफ्तारी ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का यह मुख्य आरोपी अब भारत लौटने की कगार पर है। क्या 125 साल पुरानी प्रत्यर्पण संधि इस बार काम करेगी? आइए, इस कहानी को करीब से समझते हैं।

Mehul Choksi: सात साल की भागदौड़ का अंत?

मेहुल चौकसी, जिसका नाम भारत के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक के साथ जुड़ा है, लंबे समय से भारतीय जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर था। 2018 में भारत छोड़ने के बाद वह कैरेबियाई देश एंटीगुआ में बस गया था। वहां की नागरिकता लेने के बावजूद उसकी मुश्किलें कम नहीं हुईं। 2021 में डोमिनिका में अवैध प्रवेश के आरोप में उसकी गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन तब वह प्रत्यर्पण से बच निकला। अब बेल्जियम में रक्त कैंसर के इलाज के दौरान उसकी गिरफ्तारी ने उम्मीद जगाई है कि शायद इस बार भारत उसे कानून के कटघरे में लाने में कामयाब हो।

125 साल पुरानी संधि: अंग्रेजों का तोहफा

आपको जानकर हैरानी होगी कि मेहुल को भारत लाने की इस कोशिश का आधार एक ऐसी संधि है, जो 1901 में ब्रिटेन और बेल्जियम के बीच हुई थी। उस समय भारत पर अंग्रेजों का शासन था। आजादी के बाद 1954 में भारत और बेल्जियम ने इस संधि को बरकरार रखने का फैसला किया। इस संधि के तहत गंभीर अपराधों—जैसे धोखाधड़ी, हत्या, या ड्रग तस्करी—के आरोपियों को एक-दूसरे के देश में प्रत्यर्पित किया जा सकता है। पिछले साल अगस्त में भारत ने बेल्जियम से मेहुल के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था, और अब उसकी गिरफ्तारी ने इस प्रक्रिया को गति दी है।

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भारत की तैयारी: इस बार कोई चूक नहीं

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। डोमिनिका में 2021 की नाकामी से सबक लेते हुए, भारतीय एजेंसियां प्रत्यर्पण के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करने में जुट गई हैं। सूत्रों की मानें तो मेहुल की बेल्जियम में मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद भारत ने तेजी से कदम उठाए। यह भी चर्चा है कि मेहुल बेल्जियम से स्विटजरलैंड जाने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही वह कानून की गिरफ्त में आ गया।

मेहुल चौकसी कौन है?

मेहुल चौकसी एक समय भारत के चमकते हीरा कारोबारियों में गिना जाता था। लेकिन 2018 में पंजाब नेशनल बैंक घोटाले ने उसकी साख को तार-तार कर दिया। 13,000 करोड़ रुपये की इस धोखाधड़ी के बाद वह देश छोड़कर भाग गया। पहले अमेरिका, फिर एंटीगुआ—वह लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा। कुछ समय पहले इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस हटा लिया था, जिसके बाद उसकी गतिविधियां और तेज हो गई थीं। बेल्जियम में इलाज के दौरान उसने पत्नी की मदद से वहां की रेजिडेंसी कार्ड भी हासिल कर ली थी। लेकिन अब लगता है कि उसका भागने का सिलसिला थम गया है।

क्या होगा अगला कदम?

भारत के लिए यह एक सुनहरा मौका है। बेल्जियम की गिरफ्तारी और पुरानी संधि के दम पर मेहुल को भारत लाने की संभावना बढ़ गई है। लेकिन प्रत्यर्पण की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं। कानूनी पेचीदगियां और मेहुल की तरफ से संभावित अपील इस राह में रोड़े अटका सकती हैं। फिर भी, भारतीय एजेंसियों का हौसला बुलंद है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ, तो मेहुल चौकसी जल्द ही भारत की अदालतों में अपने अपराधों का जवाब देता नजर आ सकता है।

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इस मामले में अगला कदम क्या होगा, यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन इतना तय है कि यह गिरफ्तारी न सिर्फ मेहुल के लिए, बल्कि उन तमाम भगोड़ों के लिए एक सबक है, जो कानून से बचने की कोशिश करते हैं।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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