ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

New Assembly Building: चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा का नया भवन क्यों अटक गया?

On: December 1, 2025 12:12 PM
Follow Us:
New Assembly Building: चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा का नया भवन क्यों अटक गया?
Join WhatsApp Group

New Assembly Building: चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के लिए नया भवन बनाने की योजना जमीन विवाद, नीति सीमाओं और राजनीतिक दबाव के कारण अटक गई है। जानें इस प्रस्ताव पर रोक क्यों लगी और पूरा मामला कैसे उलझा।

हरियाणा सरकार पिछले कुछ वर्षों से चंडीगढ़ में विधानसभा के लिए एक नया, आधुनिक भवन बनाने की योजना पर काम कर रही थी। लेकिन अब यह प्रस्ताव लगभग बंद हो चुका है। कारण सिर्फ जमीन का विवाद नहीं, बल्कि कई प्रशासनिक और राजनीतिक पहलू हैं जिनसे यह मामला उलझ गया।

कहां से शुरू हुआ विवाद? New Assembly Building

साल 2022 में तत्कालीन हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने चंडीगढ़ में एक नया व बड़ा विधानसभा परिसर बनाने की मांग रखी थी। उनका कहना था कि मौजूदा भवन पुराना हो चुका है और बढ़ते विधायी कामकाज के हिसाब से एक आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत है।

चंडीगढ़ प्रशासन ने शुरुआती बातचीत के बाद हरियाणा सरकार को तीन लोकेशन सुझाईं:

आईटी पार्क के पास

मनीमाजरा के कलाग्राम क्षेत्र के पास

रेलवे लाइट प्वाइंट से आईटी पार्क जाने वाले मार्ग पर

कई दौर की समीक्षा और निरीक्षण के बाद, हरियाणा ने जून 2022 में रेलवे लाइट प्वाइंट – आईटी पार्क रोड पर लगभग 10 एकड़ जमीन को चुन लिया।

बंगाल में संवैधानिक संकट: ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, अब क्या करेंगे राज्यपाल?
बंगाल में संवैधानिक संकट: ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, अब क्या करेंगे राज्यपाल?

जमीन के बदले जमीन का फार्मूला क्यों नहीं चला?

हरियाणा सरकार ने बदले में चंडीगढ़ प्रशासन को पंचकूला के सकेतड़ी में 12 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया।
लेकिन यही प्रस्ताव पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी रुकावट बना।

चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रस्ताव क्यों ठुकराया?

यूटी मास्टर प्लान–2031 में जमीन की अदला-बदली का कोई प्रावधान नहीं है।

अब तक कभी भी चंडीगढ़ में “लैंड स्वैप” पॉलिसी लागू नहीं हुई।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ऐसे फैसले भविष्य में नए विवाद और मिसालें खड़ी कर सकते हैं।

एक वरिष्ठ पूर्व नौकरशाह (कल्पित विशेषज्ञ टिप्पणी) के अनुसार:

“चंडीगढ़ प्रशासन किसी भी नीति बदलाव को बहुत सावधानी से लेता है, क्योंकि यहां जमीन बेहद सीमित है। स्वैप पॉलिसी लागू होने का मतलब होगा कि कई अन्य राज्यों या संस्थाओं से भी इसी तरह की मांगें उठ सकती हैं।”

राजनीतिक पहलू: चुनावी मौसम का दबाव

मामला सिर्फ नीति पर नहीं अटका है। इसमें राजनीतिक समय-सीमा भी अहम है।

सूत्रों के मुताबिक:

पंजाब में जल्द विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

अग्रोहा से मिलगेट तक अब ई-बस का सफर: हिसार में 50 इलेक्ट्रिक बसों के लिए नया स्टैंड तैयार
अग्रोहा से मिलगेट तक अब ई-बस का सफर: हिसार में 50 इलेक्ट्रिक बसों के लिए नया स्टैंड तैयार

चंडीगढ़ दोनों राज्यों के लिए संवेदनशील मुद्दा है।

केंद्र सरकार विवाद पैदा करने वाले किसी भी फैसले से पहले सतर्क रहना चाहती है।

इसी वजह से गृह मंत्रालय ने हरियाणा के नए विधानसभा भवन के प्रस्ताव पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा कि:

“फिलहाल इस परियोजना को आगे न बढ़ाया जाए और इसे चंडीगढ़ प्रशासन के साथ डिस्कस न किया जाए।”

यह मामला महत्वपूर्ण क्यों है?

चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब दोनों की संयुक्त राजधानी है।

यहां जमीन की उपलब्धता सीमित है, जिसके कारण हर बड़े प्रोजेक्ट पर संवेदनशीलता बढ़ जाती है।

नया विधानसभा भवन दो राज्यों के बीच संतुलन को प्रभावित कर सकता था।

मात्र ₹50 में 5 लाख का बीमा! हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के लिए शुरू की बड़ी योजना
मात्र ₹50 में 5 लाख का बीमा! हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के लिए शुरू की बड़ी योजना

इससे भविष्य में चंडीगढ़ की प्रशासनिक संरचना पर बहस तेज हो सकती है।

शहरी योजनाकारों का नजरिया

कई शहरी विशेषज्ञों का मानना है कि:

चंडीगढ़ पहले ही ट्रैफिक और लैंड प्रेशर से जूझ रहा है।

बड़े सरकारी भवनों के लिए नई जमीन देना आसान नहीं है।

ऐसे फैसले दीर्घकालिक प्लानिंग की मांग करते हैं, न कि तात्कालिक राजनीतिक समीकरणों की।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now