New terms NCMC card: Shock to senior citizens in Haryana, travelling in roadways buses becomes expensive, new terms of NCMC card: हरियाणा के वरिष्ठ नागरिकों के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त या रियायती सफर अब पहले जितना आसान नहीं रहा। सरकार ने वरिष्ठ नागरिक कार्ड को नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) में अपग्रेड कर दिया है, लेकिन इसके लिए बुजुर्गों को 360 रुपये की फीस और रिचार्ज पर GST देना होगा।
यह बदलाव खासकर ग्रामीण इलाकों के बुजुर्गों के लिए आर्थिक बोझ बढ़ा सकता है। आइए, जानते हैं इस नई व्यवस्था के बारे में।
NCMC कार्ड की अनिवार्यता New terms NCMC card
हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए रोडवेज बसों में रियायती यात्रा के लिए NCMC कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। पहले बुजुर्गों को मुफ्त कागजी पास जारी होता था, लेकिन अब उन्हें ऑनलाइन आवेदन कर 360 रुपये की फीस देनी होगी।
इस राशि में से 200 रुपये बैलेंस के रूप में मिलेंगे, जिसका उपयोग बस यात्रा के लिए किया जा सकता है। हिसार डिपो में अब तक 8 बुजुर्गों ने यह कार्ड बनवाया है, जबकि प्रदेशभर में करीब 4,000 वरिष्ठ नागरिकों के पास पुराना कार्ड मौजूद है।
रिचार्ज और GST का अतिरिक्त बोझ
NCMC कार्ड के बैलेंस खत्म होने पर बुजुर्गों को रिचार्ज करवाना होगा। 100 से 500 रुपये के रिचार्ज पर 10 रुपये और 501 से 1,000 रुपये के रिचार्ज पर 20 रुपये GST देना होगा।
इसके अलावा, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आवेदन के लिए 50 से 100 रुपये की अतिरिक्त फीस भी ली जा रही है। यह नई व्यवस्था बुजुर्गों की जेब पर सीधा असर डाल रही है, खासकर उन लोगों पर जो सीमित आय पर निर्भर हैं।
निजी बसों में पूरा किराया
नई व्यवस्था का एक और नुकसान यह है कि NCMC कार्ड केवल हरियाणा रोडवेज बसों में ही मान्य होगा। पहले वरिष्ठ नागरिक पास निजी बसों में भी चलता था, लेकिन अब निजी बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की कमी के कारण बुजुर्गों को पूरा किराया देना पड़ सकता है। यह उन इलाकों में खासतौर पर परेशानी का सबब बनेगा, जहां रोडवेज बसों की उपलब्धता कम है।
पैसे बचाने का तरीका
कुछ राहत की बात यह है कि जिन बुजुर्गों के पास पहले से हैप्पी कार्ड है और उन्होंने 1,000 किलोमीटर की मुफ्त यात्रा का लाभ ले लिया है, वे अपने हैप्पी कार्ड को NCMC कार्ड में अपग्रेड कर सकते हैं।
इसके अलावा, कार्ड में बैलेंस न होने पर नकद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। यह विकल्प बुजुर्गों को अतिरिक्त खर्च से कुछ हद तक बचा सकता है।
बुजुर्गों की चिंता
यह नई व्यवस्था बुजुर्गों के लिए कई सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग, जो तकनीक से कम वाकिफ हैं, ऑनलाइन आवेदन और रिचार्ज की प्रक्रिया को जटिल मान रहे हैं।
साथ ही, अतिरिक्त फीस और GST ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कई बुजुर्गों का कहना है कि सरकार को रियायती यात्रा की सुविधा को मुफ्त रखना चाहिए था, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति पर बोझ न पड़े।
सरकार से अपेक्षाएं
वरिष्ठ नागरिक समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, और उनकी सुविधा के लिए सरल और किफायती नीतियों की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि वह NCMC कार्ड की फीस को कम करे और निजी बसों में भी इसकी मान्यता सुनिश्चित करे। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाकर बुजुर्गों को ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में शिक्षित किया जाए।












