Old Gurugram Metro: Construction will start from August, know complete details of stations and route: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो (Old Gurugram Metro) का इंतजार अब खत्म होने वाला है! गुरुग्राम के लोगों के लिए खुशखबरी है कि अगस्त 2025 से इस महत्वाकांक्षी मेट्रो प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने इस परियोजना को गति देने के लिए कमर कस ली है। यह मेट्रो न केवल शहर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसी समस्याओं को कम करने में भी मदद करेगी। आइए, इस प्रोजेक्ट की खासियतों और इसके रूट की पूरी जानकारी जानते हैं।
मेट्रो निर्माण की शुरुआत और टेंडर प्रक्रिया Old Gurugram Metro
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो (Gurugram Metro Project) के लिए 1286 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। इस प्रोजेक्ट के लिए 8 कंपनियों ने आवेदन किया, जिनमें से 2 को तकनीकी बिड में अयोग्य घोषित कर दिया गया।
अब 6 कंपनियां इस दौड़ में बची हैं, और अगले हफ्ते उनकी वित्तीय बिड खोली जाएगी। इसके बाद, चर्चा और बातचीत के आधार पर टेंडर को अंतिम रूप दिया जाएगा। GMRL का लक्ष्य है कि इस महीने के अंत तक टेंडर किसी एक कंपनी को दे दिया जाए, ताकि अगस्त से निर्माण कार्य शुरू हो सके। यह परियोजना शहर के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी।
30.5 किमी का रूट और प्रमुख स्टेशन
यह मेट्रो परियोजना 30.5 किलोमीटर लंबे रूट पर बनाई जाएगी, जो मिलेनियम सिटी सेंटर से शुरू होकर साइबर सिटी (Cyber City) तक जाएगी। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक का रूट और स्टेशन बनाए जाएंगे।
दूसरे चरण में सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक का निर्माण होगा, जबकि तीसरे चरण में सेक्टर-33 में डिपो तैयार किया जाएगा। इस रूट पर कुल 27 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से कुछ प्रमुख स्टेशन हैं- सुभाष चौक, हीरो होंडा चौक, सेक्टर-4, सेक्टर-5, रेलवे स्टेशन, पालम विहार, और उद्योग विहार। ये स्टेशन शहर के व्यस्त इलाकों को जोड़कर यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर का अनुभव देंगे।
गुरुग्राम के लिए मेट्रो का महत्व
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो (Metro in Gurugram) गुरुग्रामवासियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। यह परियोजना न केवल शहर की ट्रैफिक समस्या को हल करेगी, बल्कि लोगों के समय और पैसे की भी बचत करेगी।
खासकर उद्योग विहार और साइबर सिटी जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में काम करने वाले पेशेवरों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा। साथ ही, यह मेट्रो पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होगी, क्योंकि इससे निजी वाहनों का उपयोग कम होगा और प्रदूषण में कमी आएगी। इस परियोजना को लेकर स्थानीय लोग उत्साहित हैं और इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।










