One Nation One Election: Committee’s visit to Chandigarh, discussions in Haryana-Punjab, will the future of elections change?: एक देश एक चुनाव (One Nation One Election) की समिति का चंडीगढ़ दौरा हरियाणा और पंजाब के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
14 से 17 जून 2025 तक यह समिति विभिन्न राजनीतिक दलों, अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेगी। 16 जून को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ समिति की विशेष बैठक होगी। यह दौरा देश में एक साथ चुनाव (simultaneous elections) की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आइए, इस दौरे की पूरी जानकारी समझते हैं।
राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श One Nation One Election
14 जून को समिति पंजाब के प्रमुख राजनीतिक दलों जैसे भाजपा, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी और बसपा के नेताओं से मुलाकात करेगी। इस दौरान एक देश एक चुनाव (One Nation One Election) के फायदे और चुनौतियों पर चर्चा होगी। उसी दिन शाम को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भी समिति की बैठक होगी।
16 जून को हरियाणा के राजनीतिक दलों, जैसे भाजपा, कांग्रेस, जेजेपी, बीएसपी और इनेलो, के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्रियों से अनौपचारिक बातचीत होगी। यह चर्चा एक साथ चुनाव (simultaneous elections) की व्यवहारिकता को समझने में मदद करेगी। यह कदम राजनीतिक सहमति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों और विशेषज्ञों से मुलाकात
15 जून को समिति भाखड़ा नांगल बांध का दौरा करेगी। इसके बाद 16 जून को पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल, चंडीगढ़ बार एसोसिएशन, आईआईटी रोपड़, पंजाब विश्वविद्यालय, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय और हरियाणा चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के साथ अनौपचारिक चर्चा होगी।
17 जून को पंजाब और हरियाणा के मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह, वित्त, विधि और शिक्षा विभागों के प्रमुखों से मुलाकात होगी। चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी बातचीत होगी। ये बैठकें एक देश एक चुनाव (electoral reforms) की प्रक्रिया को और स्पष्ट करेंगी।
मुख्यमंत्री सैनी से विशेष बैठक
16 जून की शाम को समिति हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात करेगी। यह बैठक शाम 4 से 5 बजे तक होगी, जिसके बाद रात्रि भोज का आयोजन होगा। इस दौरान हरियाणा में एक साथ चुनाव (simultaneous elections) लागू करने की संभावनाओं और चुनौतियों पर गहन चर्चा होगी।
यह दौरा हरियाणा और पंजाब के लिए एक देश एक चुनाव (One Nation One Election) को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 18 जून को समिति शिमला के लिए रवाना होगी। यह पहल देश के चुनावी सुधारों (electoral reforms) को नई दिशा दे सकती है।













