Operation Sindoor In the all-party meeting, the government shared information about decisive action against terrorism: पहलगाम में हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाया, बल्कि देश की एकता को भी रेखांकित किया। इस ऑपरेशन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, केंद्र सरकार ने 8 मई 2025 को संसद भवन में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक का उद्देश्य सभी राजनीतिक दलों को ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी देना और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करना था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार ने ऑपरेशन के उद्देश्यों, रणनीति और प्रभावों को साझा किया, जिसे विपक्ष ने भी सराहा।
Operation Sindoor: बैठक में शामिल हुए दिग्गज नेता
सर्वदलीय बैठक में देश के प्रमुख नेता शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, और कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने इस महत्वपूर्ण चर्चा में हिस्सा लिया। इसके अलावा, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे। बैठक में सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के विभिन्न पहलुओं, जैसे आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले, ऑपरेशन की रणनीति, और इसके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभावों को विस्तार से बताया। विपक्षी नेताओं ने इस ऑपरेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह आतंकवाद के खिलाफ देश की अडिग नीति का प्रतीक है। राहुल गांधी और मलिकार्जुन खड़गे ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस को सलाम किया और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद को करारा जवाब
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले ने देश को झकझोर दिया था, और सरकार ने त्वरित कार्रवाई का वादा किया था। 6-7 मई की रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच, केवल 25 मिनट में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इन ठिकानों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के गढ़ शामिल थे। इस ऑपरेशन ने आतंकवाद की कमर तोड़ने का काम किया और पहलगाम के शहीदों को न्याय दिलाया।
Operation Sindoor: राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रियता
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत से पहले और बाद में राष्ट्रीय नेतृत्व ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की बारीकी से निगरानी की और 7 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर उन्हें औपचारिक रूप से इस सैन्य अभियान की जानकारी दी। पीएम मोदी ने ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखा, जो पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों के खून का प्रतीक है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस कार्रवाई को न्याय का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारत आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। सर्वदलीय बैठक में सरकार ने यह स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन न केवल सैन्य दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह भारत की कूटनीतिक रणनीति का भी हिस्सा था।
देश का गर्व, दुनिया का संदेश
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को प्रदर्शित किया, बल्कि वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ देश की मजबूत नीति को भी रेखांकित किया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 13 देशों के राजदूतों को इस ऑपरेशन की जानकारी दी, जिसमें अमेरिका, रूस, और ब्रिटेन जैसे देश शामिल थे। विपक्षी दलों ने भी इस कार्रवाई को राष्ट्रीय हित में बताया और सरकार के साथ एकजुटता दिखाई। यह ऑपरेशन और इसके बाद की सर्वदलीय बैठक देशवासियों के लिए गर्व का क्षण है, जो दर्शाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट और दृढ़ है।













