Operation Sindoor Indian army will give a befitting reply to every violation by Pakistan, commanders have free hand: भारत ने आतंकवाद और सीमा उल्लंघन के खिलाफ अपनी कठोर नीति को और मजबूत करते हुए पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना को पश्चिमी सीमा पर किसी भी उल्लंघन का तुरंत और प्रभावी जवाब देने की पूरी छूट दी गई है। रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने स्पष्ट किया कि अगर पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करता है, तो सेना ‘काइनेटिक डोमेन’ यानी जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। यह कार्रवाई भारत की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए एक निर्णायक कदम है। आइए, इस घटनाक्रम को विस्तार से समझें और जानें कि भारत किस तरह आतंकवाद और सीमा उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा।
Operation Sindoor: सीजफायर उल्लंघन पर भारत की सख्त चेतावनी
10 मई को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच हुई वार्ता में सीजफायर पर सहमति बनी थी, लेकिन पाकिस्तान ने महज चार घंटों में ही इस समझौते का उल्लंघन कर दिया। शनिवार शाम को शुरू हुए सीजफायर के बाद पाकिस्तान ने सीमा पार से गोलीबारी शुरू की और कई भारतीय शहरों को ड्रोन हमलों के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि भारतीय सेना ने इन हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया और अब किसी भी उल्लंघन का जवाब देने के लिए कमांडरों को खुली छूट दी गई है। यह कदम न केवल पाकिस्तान को कड़ा संदेश देता है, बल्कि भारत की सैन्य तत्परता को भी रेखांकित करता है।
थलसेना प्रमुख की समीक्षा और रणनीति
पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर उल्लंघन और वायु क्षेत्र में घुसपैठ की घटनाओं के बाद भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पश्चिमी सीमाओं पर तैनात कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की गहन समीक्षा की। इस बैठक में तय किया गया कि अगर पाकिस्तान कोई भी उकसावे की कार्रवाई करता है, तो सेना तुरंत जवाबी कार्रवाई करेगी। जनरल द्विवेदी ने कमांडरों को निर्देश दिए कि वे किसी भी स्थिति में ढील न बरतें और पश्चिमी सीमा पर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखें। यह रणनीति भारत की सैन्य तैयारियों और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को और मजबूत करती है।
विदेश सचिव का सख्त बयान
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन को ‘अत्यंत निंदनीय’ करार देते हुए इसकी पूरी जिम्मेदारी पड़ोसी मुल्क पर डाली। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को जवाबी कार्रवाई की खुली छूट दी गई है और पाकिस्तान की हर हरकत का माकूल जवाब दिया जाएगा। मिस्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद को अब युद्ध की कार्रवाई मानता है और भविष्य में किसी भी आतंकी घटना का जवाब उसी स्तर पर दिया जाएगा। यह बयान भारत की कूटनीतिक और सैन्य दृष्टिकोण की एकरूपता को दर्शाता है।
आतंकवाद को युद्ध की कार्रवाई मानने का फैसला
केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और सख्त करते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, भविष्य में किसी भी आतंकी कार्रवाई को भारत के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा और इसका जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा। यह नीति न केवल आतंकवादियों को कड़ा संदेश देती है, बल्कि उनके समर्थकों को भी चेतावनी देती है कि भारत अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर इस नीति का एक जीवंत उदाहरण है, जो भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत को दर्शाता है।
ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर उल्लंघन के जवाब में भारतीय सेना की तत्परता ने साबित कर दिया कि भारत आतंकवाद और सीमा उल्लंघन के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है। कमांडरों को दी गई खुली छूट और सरकार की सख्त नीति यह सुनिश्चित करती है कि पाकिस्तान की कोई भी साजिश कामयाब नहीं होगी। यह कार्रवाई हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है और भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक है।













