ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Pahalgam Terrorists: पहलगाम आतंकी हमले में अल्पाइन क्वेस्ट ऐप बना आतंकियों का हथियार, पाकिस्तान से जुड़े तार

On: April 24, 2025 1:55 PM
Follow Us:
Pahalgam Terrorists: पहलगाम आतंकी हमले में अल्पाइन क्वेस्ट ऐप बना आतंकियों का हथियार, पाकिस्तान से जुड़े तार
Join WhatsApp Group

Pahalgam Terrorists used Alpine Quest App details: जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वादी पहलगाम हाल ही में एक भयानक आतंकी हमले का गवाह बनी, जिसमें 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई। इस नरसंहार ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। अब इस हमले से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।

आतंकियों ने इस हमले को अंजाम देने के लिए गूगल मैप्स का नहीं, बल्कि एक खास मोबाइल ऐप ‘अल्पाइन क्वेस्ट’ का इस्तेमाल किया। यह ऐप आतंकियों के लिए नेविगेशन और साजिश का अहम हथियार बन गया है। आइए, इस ऐप की सच्चाई और इसके पीछे की साजिश को समझें।

Pahalgam Terrorists: अल्पाइन क्वेस्ट आतंकियों का नया सहारा

सामान्य तौर पर लोग सोचते हैं कि नेविगेशन के लिए आतंकी भी गूगल मैप्स जैसे आम ऐप्स का इस्तेमाल करते होंगे, लेकिन हकीकत इससे कहीं अलग है। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि पहलगाम हमले में आतंकियों ने अल्पाइन क्वेस्ट नामक ऐप का सहारा लिया।

यह ऑस्ट्रेलियाई ऐप मूल रूप से ट्रेकर्स के लिए बनाया गया था, जो घने जंगलों, नदियों, और पहाड़ी गुफाओं की सटीक लोकेशन प्रदान करता है। लेकिन आतंकियों ने इसका ऑफलाइन वर्जन इस्तेमाल किया, जिसमें सीआरपीएफ कैंपों और बैरिकेड्स जैसी संवेदनशील जगहों की जानकारी पहले से फीड की गई थी।

हरियाणा के यात्रियों के लिए राहत: टिकरी बॉर्डर और बहादुरगढ़ के रास्ते रोहतक पहुंचेगी नई इलेक्ट्रिक बस
हरियाणा के यात्रियों के लिए राहत: टिकरी बॉर्डर और बहादुरगढ़ के रास्ते रोहतक पहुंचेगी नई इलेक्ट्रिक बस

यह ऐप जीरो मोबाइल कनेक्टिविटी वाले इलाकों में भी काम करता है, जिससे आतंकी बिना किसी नेटवर्क के अपने मंसूबों को अंजाम दे पाते हैं।

Alpine Quest App: पाकिस्तान और ISI की साजिश

इस ऐप के इस्तेमाल के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तानी सेना की गहरी साजिश सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आतंकियों को इस ऐप का इस्तेमाल करने की पेशेवर ट्रेनिंग पाकिस्तान में दी जाती है। ISI की सरपरस्ती में आतंकी ग्रुप इस ऐप के जरिए एक-दूसरे से संपर्क में रहते हैं और जटिल इलाकों में नेविगेशन करते हैं।

2024 में खुफिया एजेंसियों ने पुष्टि की थी कि जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों के सभी बड़े आतंकी हमलों, जैसे कठुआ और पहलगाम हमले, में इसी ऐप का उपयोग हुआ है। यह ऐप आतंकियों को भारतीय खुफिया एजेंसियों की नजरों से बचने में मदद करता है, क्योंकि इसके ऑफलाइन वर्जन में पहले से संवेदनशील डेटा फीड किया जाता है।

ऐप का दोहरा इस्तेमाल

अल्पाइन क्वेस्ट ऐप का इस्तेमाल आतंकी दो तरीकों से करते हैं। पहला, वे ऐप में पहले से फीड किए गए डेटा के जरिए टारगेट लोकेशन तक पहुंचते हैं। दूसरा, वे इस ऐप के जरिए एक-दूसरे के साथ लोकेशन और डेटा शेयर करते हैं, जिससे समूह में हमले की योजना बनाना आसान हो जाता है।

बल्लभगढ़-जवां रोड के गांवों के लिए बड़ी सौगात: दौलत कॉलोनी में बनकर तैयार हुई फोरलेन सड़क
बल्लभगढ़-जवां रोड के गांवों के लिए बड़ी सौगात: दौलत कॉलोनी में बनकर तैयार हुई फोरलेन सड़क

इस ऐप की खासियत यह है कि यह ओवरग्राउंड वर्कर्स की जरूरत को खत्म करता है, जिनसे आतंकियों को जानकारी लीक होने का डर रहता है।

इस तरह, आतंकी पूरी तरह स्वतंत्र रूप से अपनी साजिश को अंजाम दे पाते हैं। पहलगाम की बैसारन घाटी में हुए हमले में भी आतंकियों ने इसी ऐप के सहारे टूरिस्ट स्पॉट की पहचान की और वहां पहुंचकर नरसंहार को अंजाम दिया।

आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख

पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार और सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ कड़े कदम उठा रहे हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, और सुरक्षाबल बैसारन घाटी के जंगलों में आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले चेहरे को उजागर किया है। खुफिया सूत्रों का दावा है कि इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन शामिल थे, जो ISI के इशारे पर काम करते हैं।

हरियाणा कर्मचारी अपडेट: अब नहीं जाएगी नौकरी, सुप्रीम कोर्ट ने नियमितीकरण पॉलिसी को दी हरी झंडी
हरियाणा कर्मचारी अपडेट: अब नहीं जाएगी नौकरी, सुप्रीम कोर्ट ने नियमितीकरण पॉलिसी को दी हरी झंडी

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment