Panjab University turns out to be Chandigarh’s biggest tax defaulter Crores of rupees due: चंडीगढ़ नगर निगम (MC) ने बड़ा खुलासा किया है शहर का सबसे बड़ा प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर कोई आम संस्था नहीं, बल्कि खुद पंजाब यूनिवर्सिटी (Panjab University) है!
जी हां, प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी पर 68.85 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। इसके बाद नंबर आता है आईटी पार्क और फिर PGIMER, जिन पर क्रमश: 45 करोड़ और 23.1 करोड़ रुपये का बकाया है।
यह जानकारी काउंसलर महेश इंदर सिंह सिद्धू के सवाल पर एमसी की तरफ से दी गई, जिसमें शहर के टॉप 20 टैक्स डिफॉल्टर की सूची मांगी गई थी।
बड़े-बड़े संस्थान निकले डिफॉल्टर
नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, PGIMER ने हाल ही में 11 करोड़ रुपये जमा कराए हैं, लेकिन बकाया अभी भी करोड़ों में है।
बाकी डिफॉल्टरों की लिस्ट भी कम चौंकाने वाली नहीं है:
चीफ इंजीनियर – ₹16.55 करोड़
गोल्फ क्लब – ₹12.2 करोड़
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) – ₹10.91 करोड़
NITTTR – ₹3.13 करोड़
रेलवे स्टेशन (चंडीगढ़) – ₹2.98 करोड़
डिफेंस एस्टेट्स सेक्टर 9 – ₹1.86 करोड़
PGI (रिहायशी प्रॉपर्टी) – ₹1.58 करोड़
इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1, प्लॉट 179-180 – ₹1.19 करोड़
सेक्टर 26 सब्जी मंडी – ₹1.18 करोड़
होटल जेम्स प्लाजा – ₹1.17 करोड़
होटल ताज – ₹1.15 करोड़
आनंद थियेटर – ₹80.42 लाख
PEC (रिहायशी) – ₹57.90 लाख
गोल्फ रेंज – ₹55.8 लाख
हरियाणा PWP सेक्टर 33-A – ₹54.80 लाख
केंद्रीय विद्यालय सेक्टर 29 – ₹51.85 लाख
CPWD सेक्टर 7-B – ₹40.72 लाख
जब्त होगी प्रॉपर्टी, जारी हो चुके हैं नोटिस!
नगर निगम अब एक्टिव मोड में आ चुका है। पंजाब म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1994 की धारा 138 के तहत डिफॉल्टर्स को नोटिस भेजे जा रहे हैं। यह धारा निगम को यह अधिकार देती है कि यदि निर्धारित समय तक टैक्स नहीं चुकाया गया, तो प्रॉपर्टी जप्त और नीलाम की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, अब तक 100 से ज्यादा नोटिस जारी हो चुके हैं और 10 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
3 महीने में रिकॉर्ड कलेक्शन, पर 100 करोड़ अभी भी विवादित
नगर निगम ने बीते तीन महीनों में 76 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली की है। लेकिन अभी भी कुल 180 करोड़ के टैक्स में से 100 करोड़ से ज्यादा रकम या तो कोर्ट में है या विवादित है।
निगम अधिकारियों ने बताया कि डिफॉल्टर्स को बकाया चुकाने के लिए एक महीने का समय दिया जा रहा है। इसके बाद उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।












