अंबाला (Paperless portal)। तहसीलों में पेपरलेस प्रणाली से रजिस्ट्री का काम शुरू हुए पांच दिन का समय बीत चुका है। इन पांच दिनों में जिला में ऑनलाइन माध्यम से 47 रजिस्ट्री ही हो सकी हैं। आम दिनों में एक दिन में जिले में लगभग 200 रजिस्ट्रियां होती थीं, अब यह आंकड़ा काफी घट गया है। रजिस्ट्रियों से मिलने वाले राजस्व में भी कमी देखने को मिल रही है। हालांकि कितना राजस्व घटा है इसका आधिकारिक आंकड़ा अब तक राजस्व विभाग ने जारी नहीं किया है। इस समस्या के कारण लोगों को रोजाना तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पेपरलेस रजिस्ट्री के कार्य में अब तक तकनीकी खामी एक बड़ी वजह बना हुआ है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को जिले की तहसील और उप तहसीलों में आठ पेपरलैस रजिस्ट्री ही हो सकीं। इसमें से अंबाला कैंट, नारायणगढ़ व उप तहसील शहजादपुर में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी, क्योंकि पोर्टल धीमी गति से चल रहा था। इन दिक्कतों के कारण लोगों से लेकर कर्मचारी और अधिवक्ताओं तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पेपरलेस रजिस्ट्री में यह आ रहीं दिक्कतें
ई-रजिस्ट्रेशन रेवेन्यूू हरियाणा पोर्टल कभी धीमी गति से चल रहा तो कभी बंद हो रहा।
ई-रजिस्ट्रेशन करते समय संपत्ति आइडी नंबर नहीं उठा रहा।
जमाबंदी का पार्ट खाना कास्त को भरते समय दिक्कत आ रही।
पोर्टल में दो मालिक एक साथ दो रजिस्ट्री नहीं कर पा रहे हैं।
जमीन बिक्रेता की एक से ज्यादा रजिस्ट्री का विकल्प नहीं आ रहा।
रजिस्ट्री क्लर्क के पोर्टल पर अप्लाई दस्तावेज कई बार दिख नहीं रहे।
Paperless portal: सुबह से नहीं चला पोर्टल
छावनी तहसील में सोमवार सुबह से आरसी-1 का पोर्टल नहीं चला। इस पोर्टल में जो दस्तावेज शुक्रवार को नजर आ रहे थे सोमवार को वह दिखे ही नहीं। इससे यह रजिस्ट्री नहीं हो सकीं। अंबाला सिटी तहसील में तीन पेपर लैस रजिस्ट्री की गईं, जबकि पोर्टल में अपडेशन का कार्य चलता रहा। साहा उप तहसील में दोपहर बाद पोर्टल धीमी गति से चलता दिखा। यहां दिनभर में दो रजिस्ट्री ही हो सकीं। इसी प्रकार बराड़ा तहसील में पोर्टल रुक-रुक कर चलता रहा। यहां तीन पेपर लैस रजिस्ट्री हुईं। तहसील नारायणगढ़ व शहजादपुर उप तहसील में भी पोर्टल का यही हाल रहा। यहां पर कोई रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
पुराने व नए पोर्टल काे साथ लेकर चलें
सरकार को पुराना और नए पोर्टल दोनों को एक साथ लेकर चलना चाहिए था। जिससे नए पोर्टल में अगर दिक्कत आती है तो पुराने पोर्टल से काम चलाया जा सके लेकिन सरकार ने पुराने पोर्टल को बंद कर दिया और नया पोर्टल ठीक से काम नहीं कर इसलिए सभी परेशान हो रहे हैं।
पंजाब व हिमाचल का मॉडल अपनाते
पंजाब और हिमाचल में आनलाइन और ऑफलाइन दो पोर्टल हैं, इस कारण ग्राहक किसी भी पोर्टल पर रजिस्ट्री करवा सकता हैं। ऐसा यहां भी होना चाहिए।
स्टांप बेकार हो जाएंगे
एक तरफ सरकार लोगों से कह रही है कि वह अपने आप ऑनलाइन पेपरलेस रजिस्ट्री करवाएं लेकिन लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। इसके अलावा लाखों रुपये के स्टांप में अगर छोटी भी गलती हो गई तो बेकार हो जाएंगे।
पेपरलेस रजिस्ट्री का काम पटरी पर आने लगा है। जहां तकनीकी समस्याएं आ रही हैं उन्हें ठीक किया जा रहा है। इन समस्याओं को जल्द ठीक कर लिया जाएगा।
पेपरलेस रजिस्ट्री का असर
सोमवार को कुल 8 रजिस्ट्रियां, अंबाला सिटी में सबसे ज्यादा
डिजिटल पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने के बाद सोमवार को जिले में महज 8 रजिस्ट्रियां ही दर्ज हो सकीं, जबकि पेपरलेस से पहले के चरण में यह संख्या 47 तक पहुंची थी। तकनीकी खामियों के कारण व्यवस्था ठप पड़ी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अंबाला छावनी में सोमवार को शून्य रजिस्ट्री हुईं, जबकि पेपरलेस से पहले के चरण में 2 और कुल मिलाकर 20 रजिस्ट्रियां दर्ज हो चुकी हैं। अंबाला सिटी में सोमवार को 3 रजिस्ट्रियां हुईं, पेपरलेस से पहले 10 और कुल 25। बराड़ा में 3-6-15, नारायणगढ़ में 0-16-20, साहा में 2-5-60 तथा शहजादपुर में 0-8-10 का आंकड़ा रहा।












