NIRF 2025, हिसार न्यूज : चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय लगातार देश के टॉप विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बनाए हुए है। देशभर में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025 के लिए जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में ओवरऑल कैटेगरी में एचएयू ने पहले 150 सरकारी संस्थानों में से हरियाणा का एकमात्र संस्थान की उपलब्धि प्राप्त कर परचम लहराया। देश के कृषि विश्वविद्यालयों में एचएयू हिसार ने पहले पांच विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त कर अपनी साख बढ़ाई है।
HAU की शानदार उपलब्धियां
इसी प्रकार एग्रीकल्चर और एलाइड कैटेगरी में एचएयू ने 173 शिक्षण संस्थाओं व विश्वविद्यालयों में टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है। ओवरऑल कैटेगरी में देश के 4045 विश्वविद्यालयों व संस्थानों में एचएयू ने 101-150 रैंकिंग प्राप्त की। कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने अपनी उपलब्धियों के कारण आज अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई है।
एचएयू को हाल ही में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (नैब) की ओर से सर्वश्रेष्ठ ए प्लस ग्रेड दिया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार, सरदार पटेल सर्वश्रेष्ठ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पुरस्कार मिल चुके हैं। इसी प्रकार विवि मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी अटल रैकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ऑन इनोवेशन एंड अचीवमेंट्स (एआरआईआईए) में कृषि विश्वविद्यालयों में देशभर में प्रथम स्थान हासिल कर चुका है।
जीजेयू को देश में 32वीं रैंक मिली
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2025 की रैकिंग जारी की गई है। इसमें गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी देश के राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में 32वीं रैंक हासिल किया है। जीजेयू हरियाणा में नंबर 1 राज्य विश्वविद्यालय के रूप में उभरा है। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में
पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अपेक्षाकृत नया संस्थान होने के बावजूद, केवल तीन दशक पहले स्थापित, जीजेयू ने भारत भर के कई पुराने और स्थापित विश्वविद्यालयों से बेहतर प्रदर्शन किया है, जो इसके तीव्र विकास पथ, मजबूत शैक्षणिक संस्कृति और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कुलपति ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय और समूचे हरियाणा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। यह नवाचार को बढ़ावा देने, उच्च-गुणवत्ता वाले शोध को आगे बढ़ाने और हमारे विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक और भविष्य के नेता के रूप में तैयार करने के लिए जीजेयू की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।













