अंबाला (Property Tax): नगर परिषद ने लंबित संपत्ति कर प्राप्ति को लेकर जब डाटा खंगाला तो आंकड़े देखकर विभागीय अधिकारी हैरान परेशान हो गए।
दस्तावेज खंगालने पर जानकारी मिली कि सरकारी विभागों पर लगभग 21 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है और इसे लेने के लिए पूर्व में की गई कार्रवाई आजतक सिरे नहीं चढ़ पाई।
ऐसे में अब नगर परिषद ने इन सरकारी महकमों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरु की है ताकि नगर परिषद की की झोली भर जाए और इससे वो अपने रुके हुए काम आरंभ करवा सकें।
Property Tax: सरकारी विभागों पर लंबित कर
रक्षा विभाग पर 4.42 करोड़ रुपये, जनस्वास्थ्य विभाग पर 3.73 करोड़ रुपये, उत्तर रेलवे जोन पर वाणिज्यिक तौर पर 2.37 करोड़ रुपये, रेलवे रिहायशी क्षेत्र का कर 1.47 करोड़ रुपये, डाक विभाग, 90 लाख रुपये, वन विभाग 82 लाख रुपये बकाया है।
ऐसे ही स्वास्थ्य विभाग 1.01 करोड़ रुपये, शिक्षा विभाग 36 लाख रुपये, उत्तरीय हरियाणा विद्युत निगम 5.49 करोड़ रुपये, हरियाणा राज्य भंडारण निगम 17 ला और खेल विभाग पर 1.22 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है।
खाली प्लाट भी किए शामिल
नगर परिषद ने बकाया संपत्ति कर धारकों की जो सूची तैयार की है, उसमें वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के अलावा रिहायशी संपत्ति भी शामिल है। इसके अलावा खाली प्लाट धारकों को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसे प्लाट धारकों की संख्या भी 16 के करीब है। इसमें 55 के करीब वाणिज्यिक और 15 के करीब रिहायशी मकान शामिल हैं।
पहले भी जारी किए थे नोटिस
नगर परिषद ने पहले भी सरकारी विभागों सहित अन्य संपत्ति धारकों को नोटिस जारी किए थे और कुछ संपत्तियां सील भी की थीं। इस दौरान नगर परिषद के खाते में 23 लाख रुपये आए थे, लेकिन अधिकारियों के बदलते ही यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई और फिर विभागीय अधिकारियों ने इसकी तरफ ध्यान ही नहीं दिया।
देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर, अंबाला ने कहा कि 10 लाख रुपये से अधिक 86 धारकों की सूची जारी की गई है। इसमें कुछ सरकारी विभाग भी शामिल हैं। लंबित संपत्ति कर की प्राप्ति के लिए अब नोटिस देने की प्रक्रिया आरंभ की गई है, इसके लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया जा रहा है, इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई आरंभ की जाएगी।
86 धारकों की सूची जारी
नगर परिषद ने सरकारी विभागों के अलावा 60 अन्य लोगों की भी सूची जारी की है, इन लोगों पर 10 लाख से लेकर एक करोड़ तक कर बकाया है। इसमें कोर्ट में विचाराधीन लिब्राहन सिंह की संपत्ति भी शामिल है और इस पर नगर परिषद ने लगभग एक करोड़ का संपत्ति कर निकाला है।
इसके अलावा जगदीश मेहता पर 69 लाख, विनोद जैन पर 36 लाख रुपये, इंद्र कुमार जैन पर 33 लाख रुपये, हरीश चंदर पर 30 लाख रुपये, अनंतवीर पर 20 लाख रुपये, मित्तल सिंह पर 18 लाख रुपये, गौरव दीप पर 14 लाख रुपये, गुलशन सूरी पर 14 लाख रुपये, राजिंदर कुमार पर 12 लाख रुपये, रजनीश कालिया पर 12 लाख रुपये, आशीष और सूरज प्रकाश पर 10-10 लाख रुपये संपत्ति कर बकाया है।












