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Samsung का बड़ा दांव: ट्रंप टैरिफ से बचने के लिए भारत बनेगा नया मैन्युफैक्चरिंग हब

On: अप्रैल 23, 2025 8:39 अपराह्न
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Samsung का बड़ा दांव: ट्रंप टैरिफ से बचने के लिए भारत बनेगा नया मैन्युफैक्चरिंग हब
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Samsung finds a solution to Trump’s tariff, can make India a manufacturing hub: दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग एक साहसिक कदम उठाने जा रही है। अब तक वियतनाम में अपने ज्यादातर प्रोडक्ट्स का निर्माण करने वाली यह कंपनी अब भारत को अपना नया मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की योजना बना रही है।

इसके पीछे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नियम और वैश्विक व्यापार तनाव प्रमुख कारण हैं। आइए, इस खबर की हर डिटेल को समझते हैं और जानते हैं कि यह भारत के लिए कितना बड़ा अवसर हो सकता है।

ट्रंप टैरिफ ने बदला Samsung का रुख

वियतनाम लंबे समय से सैमसंग का प्राथमिक मैन्युफैक्चरिंग हब रहा है, जहां कंपनी अपने स्मार्टफोन, टीवी, और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स बनाती है। लेकिन अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव ने सैमसंग को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है।

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में विदेशी सामानों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिसमें वियतनाम से आयात पर 46% और भारत से 26% टैरिफ शामिल है। हालांकि, 9 अप्रैल को ट्रंप ने भारत और वियतनाम को 90 दिनों की राहत दी, लेकिन चीन पर 145% का टैरिफ बरकरार रखा।

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इसके बावजूद, सभी देशों के लिए 10% का बेसिक टैक्स लागू है। इन बदलते नियमों के बीच सैमसंग भारत को एक रणनीतिक विकल्प के रूप में देख रही है, ताकि वैश्विक सप्लाई चेन को सुचारू रखा जा सके।

भारत में सैमसंग की नई शुरुआत

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, सैमसंग ने भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनियों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। इनमें से कई कंपनियां पहले से ही सैमसंग की पार्टनर हैं। कंपनी उत्तर प्रदेश और चेन्नई में अपनी मौजूदा फैक्ट्रियों का उपयोग निर्यात के लिए कर सकती है।

इसके अलावा, स्थानीय पार्टनर्स की मदद से प्रोडक्शन क्षमता को और बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, सैमसंग ने अभी तक इस योजना पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह कदम भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।

न केवल सैमसंग, बल्कि एपल और गूगल भी शामिल

सैमसंग अकेली कंपनी नहीं है जो भारत की ओर रुख कर रही है। गूगल और एपल जैसी दिग्गज टेक कंपनियां भी भारत को अपने मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रही हैं। गूगल जल्द ही भारत में अपने पिक्सेल स्मार्टफोन्स का प्रोडक्शन शुरू कर सकता है, जो वैश्विक बाजार में सैमसंग और एपल से पीछे होने के बावजूद लोकप्रिय है।

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दूसरी ओर, एपल पहले से ही भारत में अपनी कई फैक्ट्रियां संचालित कर रहा है और प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना बना रहा है। यह ट्रेंड भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूत करने का संकेत है।

भारत के लिए सुनहरा अवसर

सैमसंग का भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का फैसला देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश और चेन्नई जैसे शहरों में प्रोडक्शन बढ़ने से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि भारत वैश्विक सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभरेगा।

इसके अलावा, सैमसंग की मौजूदा फैक्ट्रियां, जैसे नोएडा में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, पहले से ही भारत की क्षमता को दर्शाती हैं। अगर सैमसंग और अन्य टेक दिग्गज भारत में निवेश बढ़ाते हैं, तो यह ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को और मजबूती देगा।

भविष्य की संभावनाएं

सैमसंग का यह कदम वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताओं के बीच एक स्मार्ट रणनीति है। भारत में प्रोडक्शन बढ़ाकर कंपनी न केवल टैरिफ की मार से बच सकती है, बल्कि स्थानीय मार्केट में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है।

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साथ ही, अन्य कंपनियों के भारत की ओर रुख करने से देश में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया दौर शुरू हो सकता है। क्या भारत जल्द ही वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र बन जाएगा? यह तो समय बताएगा, लेकिन सैमसंग का यह कदम निश्चित रूप से एक सकारात्मक शुरुआत है।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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