Selfie with Daughter: Daughters won honour in Haryana, Panchayat of Gotegaon Kheda won: हरियाणा के रोहतक में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में 10वें सेल्फी विद डॉटर दिवस का आयोजन एक प्रेरणादायक माहौल में संपन्न हुआ।
इस मौके पर मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव खेड़ा पंचायत ने 27 अन्य पंचायतों को पछाड़कर प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किया। यह आयोजन कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और गाली-मुक्त घर अभियान को बढ़ावा देने के लिए समर्पित था। इस मंच ने न केवल बेटियों की उपलब्धियों को उजागर किया, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दिया।Selfie with Daughter
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में हरियाणा के जींद से शुरू किए गए सेल्फी विद डॉटर अभियान के संस्थापक सुनील जागलान ने घोषणा की कि 11वें वर्ष में इस अभियान को देश के विभिन्न राज्यों में और तेजी से फैलाया जाएगा। समारोह में गोटेगांव खेड़ा की सरपंच प्रियंका को एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह और आरसीआई चेयरपर्सन डॉ. शरणजीत कौर ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया।
प्रियंका ने अपने गांव में हर नवजात बेटी की सेल्फी अपलोड कर और महिला कल्याण योजनाओं को लागू कर इस अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इसके अलावा, नोएडा की खुशी, जो एक सिंगल मदर की बेटी है, को बेस्ट सेल्फी ऑफ द इयर अवार्ड से नवाजा गया। खुशी ने अपनी मां के संघर्षों से प्रेरित होकर गालियों पर 70% तक नियंत्रण हासिल किया और एक सफल उद्यमी बनी।
इस आयोजन में पश्चिम बंगाल की राईहाना की कहानी ने भी सभी का ध्यान खींचा। राईहाना ने अपने घर से गाली-मुक्त अभियान शुरू किया और अपने पिता की गालियों की आदत को 60% तक कम करवाया।
वहीं, दिल्ली की रहने वाली और अब इंग्लैंड में बसी रमायिका, जो नेशनल यूथ आर्ट ट्रस्ट यूके की निदेशक हैं, को तीसरा पुरस्कार मिला। उन्होंने इंग्लैंड में इस अभियान को लोकप्रिय बनाया। एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इसे विश्वविद्यालय स्तर पर बढ़ाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी की बेटियां इससे जुड़ सकें। यह आयोजन बेटियों की ताकत और सामाजिक बदलाव की संभावनाओं का प्रतीक बन गया।













