SHO suspension: हरियाणा में प्लॉट विवाद के एक मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। पीड़ित पर ही केस दर्ज करने वाले SHO को निलंबित कर दिया गया। फोकस कीवर्ड हरियाणा प्लॉट विवाद।
प्लॉट विवाद में पुलिस की बड़ी चूक का खुलासा SHO suspension
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 85 में प्लॉट को लेकर हुए विवाद ने पुलिस विभाग को हिलाकर रख दिया है। पीड़ित के प्लॉट पर मामला दर्ज करने के बजाय खुद उसी पर केस दर्ज करने वाले खेड़ी पुल थाने के प्रभारी कुलदीप दहिया को निलंबित कर दिया गया है।
पीड़ित की शिकायत पर शुरू हुई जांच
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता को दी थी। शिकायत मिलते ही पुलिस आयुक्त ने एसीपी सेंट्रल राजीव कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। जांच में थाना प्रभारी की गलती साबित हुई और रिपोर्ट सामने आते ही कार्रवाई कर दी गई।
थाना प्रभारी बदले गए
निलंबन के बाद अब खेड़ी पुल थाने की कमान देवेंद्र को सौंप दी गई है। देवेंद्र इससे पहले मेट्रो थाने के प्रभारी थे। वहीं मेट्रो थाने में अब मनीष को प्रभारी लगाया गया है।
पीड़ित पर दर्ज कर दिया था गलत मामला
खेड़ी पुल थाने में पीड़ित के खिलाफ 15 नवंबर को केस दर्ज किया गया था। जबकि 250 गज का यह प्लॉट उसी पीड़ित का था। वह लगातार पुलिस से न्याय की गुहार लगाता रहा लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष का साथ दिया।
मिलीभगत की आशंका
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में दूसरे पक्ष और SHO के बीच मिलीभगत की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से मामले ने गंभीर रूप ले लिया और कार्रवाई करनी पड़ी।













