Shoulder pain physiotherapy (चंडीगढ़) : कंधे का दर्द आजकल एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन गया है। PGI में वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे के मौके पर सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि 65 साल से ज्यादा उम्र के 34% लोग रोजाना कंधे के दर्द से परेशान रहते हैं। लेकिन जागरूकता की कमी के कारण 50% लोग इसे डॉक्टर को बताते ही नहीं। भारत में 23 से 34% लोग इस दिक्कत से जूझ रहे हैं, और यह समस्या खासकर हाई-इनकम देशों में ज्यादा देखी जा रही है। बदलती लाइफस्टाइल की वजह से अब यह युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। सीनियर सिटीजन्स में 16-23% लोग इससे प्रभावित हैं, और भविष्य में यह संख्या दोगुनी हो सकती है।
दर्द का कारण और जोखिम
डॉ. अजीत ने बताया कि घबराहट, डिप्रेशन, डायबिटीज, थायरॉयड और मोटापे से पीड़ित लोगों में कंधे का दर्द ज्यादा होता है। 70% मरीजों में यह दिक्कत शोल्डर की रोटेटर कफ मसल की वजह से होती है। 60 साल की उम्र में हर चार में से एक व्यक्ति को रोटेटर कफ टियर की समस्या हो सकती है, जो बिना किसी चोट के भी हो सकती है। खासकर महिलाओं में यह दिक्कत ज्यादा है, क्योंकि बायोलॉजिकल, हार्मोनल और लाइफस्टाइल बदलाव इसके बड़े कारण हैं। पुरुषों में मसल मास ज्यादा होने और सब एक्रोमियल स्पेस की वजह से दर्द की शिकायत कम होती है।
फिजियोथेरेपी से इलाज
PGI में फिजियोथेरेपी डे के कार्यक्रम में डॉ. प्रदीप सरकार ने बताया कि कंधे के दर्द का इलाज सर्जरी या फिजियोथेरेपी से संभव है। ज्यादातर मरीज सर्जरी से डरते हैं, लेकिन फिजियोथेरेपी से उन्हें राहत मिल जाती है। PGI में हर मरीज के लिए अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से खास प्लान बनाया जाता है। हर हफ्ते मरीज का आकलन किया जाता है, और 16-20% मरीज सिर्फ फिजियोथेरेपी से ठीक हो जाते हैं। इस मौके पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. विपिन कौशल और विभागाध्यक्ष प्रो. विजय जी गोनी भी मौजूद रहे।
जागरूकता की जरूरत
वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे के मौके पर PGI के पीआरएम फिजियोथेरेपी विंग में विशेषज्ञों ने लोगों से जागरूक होने की अपील की। कंधे का दर्द अगर समय पर इलाज न हो, तो यह रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर फिजियोथेरेपी लेने से इस समस्या से आसानी से निजात पाई जा सकती है।













