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Sugarcane Area Decline: यमुनानगर में गन्ना 9,000 एकड़ कम, चीनी मिल लक्ष्य 35 लाख घटाया

On: नवम्बर 7, 2025 6:29 अपराह्न
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Sugarcane Area Decline: यमुनानगर में गन्ना 9,000 एकड़ कम, चीनी मिल लक्ष्य 35 लाख घटाया
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यमुनानगर (Sugarcane Area Decline)। किसानों के पॉपुलर के प्रति बढ़ते मोह से गन्ने का रकबा लगातार कम हो रहा है। इसका सीधा सरस्वती चीनी मिल पर भी सीधे तौर पर पड़ रहा है। मिल को कुछ सालों से चीनी बनाने के लिए पर्याप्त गन्ना नहीं मिल रहा। इस पर मिल ने केवल 125 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का ही लक्ष्य रखा है। गत वर्ष 160 लाख क्विंटल के मुकाबले 140 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई ही हो सकी थी।

Sugarcane Area Decline: 18 नवंबर से मिल चलाई जाएगी

गन्ने का उत्पादन कम होने की वजह से ही इस बार चीनी मिल को एक सप्ताह देरी से चलाना पड़ रहा है। पिछले साल 12 नवंबर को मिल में गन्ने की पेराई शुरू हो गई थी। इस बार 18 नवंबर से मिल चलाई जाएगी । 2023 में मिल 31 अक्तूबर को चली थी। अप्रैल 2024 में मिल में 146 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो पाई थी और लक्ष्य 175 लाख क्विंटल गन्ने का था। इससे पहले 2023 में 157 दिनों तक चली मिल में 146 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो पाई थी।

गन्ने की खरीद के लिए मिल मैनेजमेंट ने 45 खरीद केंद्र बनाए हैं। 2023-24 में जिले में गन्ने का रकबा 96 हजार एकड़ था, जो इस बार घट कर 76500 एकड़ रह गया है। इस बार बाढ़ से जिला में 2393 एकड़ में गन्ने की फसल को बाढ़ के पानी से नुकसान हुआ है। जिसमें 0 से 25 प्रतिशत नुकसान में 773 एकड़, 26-50 एकड़ में 784 एकड़, 51 से 75 प्रतिशत में 386 एकड़ व 76 से 100 प्रतिशत में 450 एकड़ गन्ने की फसल शामिल है।

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पिछले कुछ सालों से किसानों का पॉपुलर लगानेका रुझान ज्यादा बढ़ा है। पहले ज्यादातर किसान गन्ने की फसल के साथ ही पॉपुलर लगाते थे, परंतु अब गन्ना छोड़ सारे खेत में पॉपुलर ही लगा रहे हैं। इससे जिले में गन्ने का रकबा लगातार घट रहा है। गत वर्ष शुगर मिल की स्ट्डी में सामने आया था कि गन्ने का जो कुल रकबा था उसमें 35 प्रतिशत में पॉपुलर के पेड़ लगे थे। इस बार यह 45 प्रतिशत तक जा चुका है।

पॉपुलर का क्रेज, गन्ना हो रहा गायब

पॉपुलर लगाने के पहले साल में गन्ने का उत्पादन 25 प्रतिशत कम होता है। दूसरे साल में उत्पादन 100 क्विंटल से भी कम रह जाता है। दरअसल पॉपुलर की बढ़ती कीमतों की वजह से किसानों का इसे लगाने के प्रति मोह ज्यादा बढ़ रहा है। इस साल पॉपुलर का रेट अधिकतम 1800 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया था। जिले में पॉपुलर का रकबा 24 हजार एकड़ तक पहुंच चुका है। इतना ही नहीं पॉपुलर गन्ने की क्वालिटी पर भी असर डालता है। इससे गन्ने से चीनी की रिकवरी में दो प्रतिशत तक कम होती है।

यह सही है कि पॉपुलर का रकबा बढ़ने का असर गन्ने की फसल पर पड़ा है। लेकिन यह भी सच है कि पिछले कुछ सालों में जो प्राकृतिक आपदाओं का असर गेहूं, धान व अन्य फसल के मुकाबले गन्ने पर असर कम हुआ है। नुकसान से बचने के लिए किसान गन्ना ज्यादा लगा सकते हैं। गन्ना लगाने वाले किसानों को मिल की तरफ से भी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। – डीपी सिंह, सीनियर वाइस प्रेजीडेंट (प्रशासन) एवं कंपनी प्रवक्ता, सरस्वती शुगर मिल।

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गन्ने का रकबा: साल दर साल गिरावट

2015-16 में 74,000 एकड़ था, 2017-18 में पीक 99,000 एकड़। उसके बाद लगातार उतार-चढ़ाव, 2023-24 में 96,000, अब 2024-25 में 85,000 और 2025-26 में सिर्फ 76,500 एकड़ रह गया।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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